खुले निर्माणाधीन नाले में साइकिल लेकर गिरा 12 साल का मासूम, पेट में सरिया घुसने से तड़पकर दम तोड़ा, लापरवाहों पर गिरी गाज
यूपी के गाजियाबाद में हुए हादसे के बाद भी अधिकारियों की लापरवाही कम होने का नाम नहीं ले रही है. निर्माणाधीन सड़क और नाले के साथ खुले मेनहोल में गिरने से लगातार हो रही।मौतों से लापरवाह अधिकारियों और ठेकेदारों की तन्द्रा नहीं टूट रही है, ताजा मामला यूपी के गोरखपुर का है. जहां दो दिन पहले साइकिल सीख रहें 12 साल का एक मासूम खुले नाले के केबिल ट्रंच में साइकिल समेत गिर गया. केबल ट्रंच (तार को रोकने के लिए बनाया गया लोहे का एंगल/छड़/सरिया) पेट में घुसने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया. स्थानीय लोगों ने उसके पिता को सूचना दी. इसके बाद आनन-फानन में उसे लोहे के सरिया से निकाल कर बीआरडी मेडिकल कॉलेज भर्ती कराया गया ,जहां डेढ़ घंटे के बाद उसकी मौत हो गई। इस लापरवाही में जीडीए (गोरखपुर विकास प्राधिकरण) के टेक्निकल सुपरवाईजर आदित्य श्रीवास्तव की सेवा समाप्त करते हुए संबंधित अवर अभियन्ता संजय गुप्ता के निलंबन की संस्तुति की गई है। इसके साथ ही मण्डलायुक्त द्वारा इस मामले की जाँच हेतु अपर जिलाधिकारी नगर व मुख्य अभियंता पीडब्ल्यूडी के नेतृत्व में एक जाँच कमेटी गठित किया है जो पूरे मामले की जाँच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
गोरखपुर के चिलुआताल थानाक्षेत्र में 18 फरवरी बुधवार को शाम निर्माणाधीन नाले में 12 साल का मासूम कन्हैया चौरसिया साइकिल सीखते समय गिर गया। खुले निर्माणाधीन नाले में निकला सरिया उसके पेट में घुस गया, जिसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया. जहां डेढ़ घंटे बाद उसने तड़पकर दम तोड़ दिया. वह 5वीं क्लास में पढ़ता था. 4 दिन पहले पिता ने उसे साइकिल गिफ्ट की थी. वो साइकिल चलाकर दोस्तों के साथ अपने घर वापस आ रहा था. तभी अचानक साइकिल अनियंत्रित हो गई. वह साइकिल समेत नाले में गिरा, तब नाले (केबिल ट्रंच) में निकला सरिया सीधे उसके पेट में धंस गया. वह सरिया में फंसकर चिल्लाने लगा. आवाज सुनकर आस-पास के लोग आए. लोगाें ने हिम्मत करके सरिया में फंसे बच्चे को किसी तरह बाहर निकालकर सड़क पर लेटा दिया।
बच्चा सड़क पर ही खून से लथपथ हालत में दर्द से तड़प रहा था. इस दौरान लोग बच्चे से बोल रहे थे कि घबराओ मत ठीक हो जाओगे. फिर आपस में बातें करने लगे. तभी बच्चे के पिता श्याम सुंदर चौरसिया कुछ लोगों के साथ वहां पहुंचे. पिता बच्चे को बीआरडी मेडिकल कॉलेज लेकर गए. जहां पर इमरजेंसी में करीब 1 घंटा 30 मिनट तक उसका इलाज चला।
डॉक्टरों ने काफी कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान कन्हैया की मौत हो गई. जैसे ही बाहर खड़े मां-बाप को खबर मिली, वहां चीख पुकार मच गई. चिलुआताल थाना क्षेत्र के मुड़ीला उर्फ मुंडेरा निवासी श्याम सुंदर चौरसिया के 3 बेटों में कन्हैया सबसे बड़ा है। इससे छोटे भाई 6 साल का शिवा और 8 साल का किशन है. श्याम चौरसिया सब्जी बेचते हैं. उनकी पत्नी साधना हाउस वाइफ हैं. श्याम सुंदर ने बताया कि कन्हैया को साइकिल चलाने का शौक था. वह दूसरे बच्चों से साइकिल मांगता था. तब उसे डांट फटकार सुननी पड़ती थी. यह देखकर अच्छा नहीं लगता था।
श्याम सुंदर चौरसिया, मृतक का पिता का बयान
14 फरवरी वेलेंटाइन डे को 2600 रुपए की एक साइकिल खरीदकर कन्हैया को गिफ्ट किया था. श्याम सुंदर चौरसिया ने बताया कि कन्हैया चौरसिया दोस्तों के साथ साइकिल सीख रहा था. 18 फरवरी की शाम करीब 5 बजे दोस्तों के साथ साइकिल चलाने वार्ड नंबर 5 मनबेला, राप्ती नगर विस्तार कॉलोनी के पास गया था. वापस आते समय शाम करीब 5 बजे साइकिल लेकर वह निर्माणधीन नाले में गिर गया. नाले में गिरते समय खड़ी सरिया उसके शरीर में घुस गई. उस समय वो बाजार में सब्जी बेच रहा था. तभी उसे घटना की जानकारी दी गई. घटनास्थल से घर की दूरी भी करीब 1 किमी है, इसलिए वो बाजार से भागते हुए वहां पहुंचा. श्याम सुंदर ने बताया कि कन्हैया सड़क पर दर्द से तड़प रहा था. वहां लोगों ने उसे नाले से बाहर निकाला था. बीआरडी मेडिकल कॉलेज लेकर गया, लेकिन वहां उसकी मौत हो गई. श्याम सुंदर ने आरोप लगाया है कि ठेकेदार ने एक्स्ट्रा लोहे की छड़ नहीं हटाई. साथ ही नाले का ढक्कन भी खुला छोड़ दिया था. इस वजह से ही बच्चे की मौत हो गई।
GDA का बयान.
इस घटना के संबंध में जीडीए (गोरखपुर विकास प्राधिकरण) के उपाध्यक्ष (वीसी) आनंद वर्धन ने बताया कि 18 फरवरी को एक बच्चे के खुले केबिल ट्रंच में गिरने के कारण दु:खद मृत्यु होने की सूचना प्राप्त हुई है. गोरखपुर विकास प्राधिकरण के राप्तीनगर विस्तार आवासीय योजना के 24 मीटर सड़क के दोनों तरफ भूमिगत केबिल ट्रंच का कार्य कराया गया है, जिसे दिनांक 3 अप्रैल 2023 से प्रारम्भ कराया गया था. 25 जून 2025 को इसे पूरा कर लिया गया. ट्रंच को पूरी तरह से तैयार कर ऊपर से आरसीसी स्लैब ढका गया था. स्लैब हट जाने की वजह से हुए हादसे में 12 साल के बच्चे के गिरने और सरिया पेट में घुसने से मौत हो गई. इस घटना की जांच कराई जा रही है. प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने के कारण गोरखपुर विकास प्राधिकरण के टेक्निकल सुपरवाईजर आदित्य श्रीवास्तव की सेवा समाप्त करते हुए संबंधित अवर अभियन्ता संजय गुप्ता के निलंबन की संस्तुति की गई है. परिजनों को हर संभव शासकीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है. मण्डलायुक्त द्वारा इस मामले की जाँच हेतु अपर जिलाधिकारी नगर व मुख्य अभियंता पीडब्ल्यूडी के नेतृत्व में एक जाँच कमेटी गठित किया है. जो पूरे मामले की जाँच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।