गोरखपुर विश्वविद्यालय में तीन दिनों तक रहेगा साहित्यकारों का संगम :
गोरखपुर विश्वविद्यालय में आगामी 4,5,6 अक्टूबर को केन्द्रीय हिंदी निदेशालय शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रायोजित ‘हिन्दी भाषा और साहित्य : आलोचना का मूल्य और डॉ. रामचन्द्र तिवारी’ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन कर रहा है। गोरखपुर विश्वविद्यालय के संवाद-भवन में आयोज्य इस संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि श्री शिवप्रताप शुक्ल, माननीय राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश, शिमला रहेंगे। प्रो० विश्वनाथ प्रसाद तिवारी, पूर्व अध्यक्ष, साहित्य अकादेमी मुख्य वक्तव्य देंगे। प्रो० सुनील बाबूराव कुलकर्णी, निदेशक, केन्द्रीय हिंदी-निदेशालय बतौर विशिष्ट अतिथि उद्घाटन सत्र को सम्बोधित करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो० पूनम टंडन, माननीया कुलपति जी करेंगी।
संगोष्ठी का पहला सत्र रामचन्द्र तिवारी की स्मृति को समर्पित रहेगा। जिसमें उपस्थित वक्तागण प्रो. अनंत मिश्र, प्रो. अमरनाथ शर्मा, प्रो रामदरश राय, कथाकार नवनीत मिश्र एवं डॉ धर्मव्रत तिवारी अपनी स्मृतियों को साझा करेंगे। इस सत्र की अध्यक्षता प्रो. रामदेव शुक्ल करेंगे। द्वितीय सत्र जिसका विषय है ‘रामचन्द्र तिवारी और उनका आलोचना साहित्य’। इस सत्र में प्रो. टी.वी. कट्टीमनी (विजयनगरम), प्रो० अरविन्द त्रिपाठी, डॉ. वेदप्रकाश पांडेय, प्रो. अनिल कुमार राय, डॉ. प्रेमवत तिवारी बतौर वक्ता के रूप में रहेगें।
संगोष्ठी के दूसरे दिन के पहले सत्र में ‘हिन्दी भाषा : वर्तमान और भविष्य’ शीर्षक का पहला सत्र होगा, जिसमें प्रो नंदकिशोर पाण्डेय (जयपुर), प्रो. रामजी तिवारी (मुंबई), प्रो. दीपक प्रकाश त्यागी (गोरखपुर), प्रो. नरेंद्र मिश्र( नई दिल्ली), प्रो. विजय प्रसाद अवस्थी (नासिक) बतौर वक्ता रहेंगे।
द्वितीय सत्र ‘हिन्दी-निबन्ध: सांस्कृतिक मूल्य’ विषय पर केन्द्रित रहेगा। जिसमें श्रीराम परिहार (खंडवा), प्रो. सदानंद प्रसाद गुप्त (गोरखपुर), प्रो. मिलनरानी जमातिया (सूर्यमणिनगर), डॉ. दमयन्ती तिवारी (गोरखपुर) बतौर वक्ता उपस्थित रहेंगी।
तृतीय सत्र में ‘हिन्दी आलोचना का स्वरूप’(आरम्भ से छायावाद तक) विषय पर केन्द्रित रहेगा। जिसमें प्रो आर एस सर्राजू ( हैदराबाद), प्रो. के. सी. लाल (गोरखपुर ), प्रो. पवन अग्रवाल (लखनक), प्रो. राजेश मल्ल (गोरखपुर) मुख्य वक्ता रहेंगे । चतुर्थ सत्र ‘हिन्दी आलोचना का स्वरूप’(छायावाद के बाद), विषय पर केन्द्रित होगा। जिसमें प्रो. कुमुद शर्मा (नई दिल्ली), प्रो चित्तरंजन मिश्र (गोरखपुर), प्रो. मंजु त्रिपाठी (लखनऊ), प्रो. गौरव तिवारी (कुशीनगर) वक्तव्य देंगे।
संगोष्ठी के तीसरे दिन (6 अक्टूबर 2024) को शोध-पत्र वाचन का सत्र होगा। जिसकी अध्यक्षता डॉ. दमयन्ती तिवारी जी करेंगी। दूसरा सत्र ‘हिन्दी शोध: स्थिति और स्वरूप” विषय पर आयोजित होगा। जिसमें प्रो. जोगेन्द्र सिंह विसेन (नासिक), प्रो हरीश कुमार शर्मा (सिद्धार्थनगर), प्रो. सिद्धार्थ शंकर (छपरा) बतौर वक्ता रहेंगे।
संगोष्ठी का समापन सत्र 6 अक्टूबर, 2024 को 12 बजे से आरंभ होगा। जिसमें प्रो. सुरेन्द्र दुबे उपाध्यक्ष, केन्द्रीय हिन्दी शिक्षण मण्डल शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार बतौर मुख्य अतिथि रहेंगे। विशिष्ट अतिथि प्रो. राजवंत राव, अधिष्ठाता, कला-संकाय, गोरखपुर विश्वविद्यालय एवं अध्यक्षता प्रो. सुनील बाबूराव कुलकर्णी, निदेशक, केन्द्रीय हिंदी निदेशालय, शिक्षा-मंत्रालय, भारत सरकार करेंगे। कार्यक्रम के अंत में कुलपति प्रो. पूनम टंडन आशीर्वचन देंगी। संचालन प्रो. प्रत्यूष दुबे, और आभार कुलसचिव, गोरखपुर विश्वविद्यालय देंगे।
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