प्रोविजनल के नाम पर प्रति छात्र 200 रुपये वसूल रहा गोरखपुर विश्वविद्यालय
डिग्री को भटक रहे पासआउट छात्र
05 सौ रुपये जमा कराया जाता है डिग्री का अंतिम वर्ष के छात्रों से सत्र 2023-24 के तीन हजार से अधिक छात्र बनवा चुके प्रोविजनल
गोरखपुर
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही की कीमत पासआउट हो चुके छात्र-छात्राएं चुका रहे हैं।
इसकी कीमत कोई और नहीं डीडीयू प्रशासन ही वसूल कर रहा है।मामला 2023-24 में यूजी और पीजी उत्तीर्ण विद्यार्थियों का है।डिग्री देने में नाकाम डीडीयू प्रशासन प्रोविजनल के नाम पर प्रति छात्र 200 रुपये वसूल कर रहा है।
डीडीयू और कॉलेजों से सत्र 2023-24 में 87,359 विद्यार्थियों ने यूजी-पीजी की परीक्षा उत्तीर्ण की है।
डीडीयू में 30 अगस्त को 43वां दीक्षांत समारोह आयोजित था। दीक्षांत मूल रूप से डिग्री और पदक वितरण का कार्यक्रम होता है। उस दिन के बाद विद्यार्थियों को डिग्री मिल जानी चाहिए।
लेकिन डिग्री कब तक मिलेगी, इस सम्बंध में डीडीयू प्रशासन कुछ बताने को तैयार नहीं।
डिग्री के लिए परीक्षा विभाग में पहुंचने पर छात्र-छात्राओं से दो टूक कहा जाता है कि डिग्री में समय लगेगा, प्रोविजनल तत्काल मिल जाएगा।
डिग्री न मिलने के कारण जुलाई से अब तक करीब 3,000 छात्र छात्राएं अपना प्रोविजनल बनवा चुके हैं।
डीडीयू और कॉलेजों के छात्र- छात्राओं को अंतिम सेमेस्टर में डिग्री के लिए 500 रुपये जमा करना होता है।
इसके बाद डिग्री छपकर आने के बाद कॉलेजों को भेज दी जाती है।डिग्री न मिलने के कारण परेशान छात्र विश्वविद्यालय के चक्कर काट रहे हैं।
किसी संस्थान में प्रवेश या नौकरी के लिए आवेदन के समय डिग्री की जरूरत होती है।
डिग्री न होने पर प्रोविजनल मान्य कर लिया जाता है।
हर दिन 20 आवेदन
डिग्री न मिलने के कारण सितंबर और अक्तूबर में हर दिन 15-20 आवेदन प्रोविजनल के लिए आ रहे हैं।
जुलाई- अगस्त में औसतन 30-35 आवेदन आते थे। सभी को लेखा विभाग से 200 रुपये की रसीद कटवानी पड़ती है।
दूरदराज के छात्रों को पैसे के साथ समय भी बर्बाद होता है।
बच्चे क्यों चुकाएं कीमत ?
स्ववित्तपोषित महाविद्यालय प्राचार्य परिषद के अध्यक्ष *डॉ. कृष्ण मुरारी पाल* ने कहा कि व्यवस्था की लापरवाही की कीमत बच्चे क्यों चुकाएं?
जब डिग्री का शुल्क लिया जा चुका है, तो बच्चों को डिग्री दी जानी चाहिए।
डिग्री न दे पाना विश्वविद्यालय प्रशासन और एजेंसी की नाकामी है।कॉलेजों में विलंब शुल्क पर रार
गोरखपुर। डीडीयू से सम्बद्ध कॉलेजों में स्नातक, परास्नातक व अन्य कोर्स के प्रथम सेमेस्टर के नवप्रवेशित छात्रों को प्रवेश और पंजीकरण फॉर्म 10 अक्तूबर तक पूरित कर लेना है।
फॉर्म पूरित न करने पर छात्रों को 500 रुपये विलंब शुल्क देना होगा।
डीडीयू के कुलसचिव *प्रो. शांतनु रस्तोगी* ने 10 अक्तूबर तक नव प्रवेशित छात्र- छात्राओं को हर हाल में प्रवेश और पंजीकरण फॉर्म पूरित करने का आदेश जारी किया है।
डीडीयू प्रशासन के इस आदेश की अंतिम तिथि नजदीक आने के साथ ही कॉलेजों ने अपनी नाराजगी जताई है।
कॉलेजों के प्राचार्यों के लिए बने ग्रुप पर कई कॉलेजों ने इस पर विरोध भी जताया है।
स्ववित्तपोषित महाविद्यालय प्राचार्य परिषद के अध्यक्ष *डॉ कृष्ण मुरारी पाल* ने कहा कि डीडीयू में ही सितंबर तक प्रवेश चली है। डीडीयू में प्रवेश न मिलने पर विद्यार्थी कॉलेजों में जाते हैं। अब कॉलेजों में विद्यार्थी प्रवेश के लिए आ रहे हैं।
प्रवेश के बीच ही विश्वविद्यालय द्वारा चेतावनी के लहजे में आदेश जारी करना हास्यास्पद है।
“एक-एक कर मार्कशीट जारी की जा रही है।इसके बाद डिग्री जल्द जारी हो जाएगी।निर्धारित शुल्क जमा करने पर आवेदन के दिन ही शाम तक या अगले दिन सुबह तक छात्रों को प्रोविजनल उपलब्ध करा दिया जाता है।”
– *डॉ. कुलदीप सिंह,*
परीक्षा नियंत्रक, डीडीयू
Trending
- बिहार में बिजली का नया खेल! दिन में सस्ती, शाम को महंगी—क्या जनता पर पड़ेगा नया बोझ?
- बिहार में बिजली का नया खेल! दिन में सस्ती, शाम को महंगी—क्या जनता पर पड़ेगा नया बोझ?
- निर्देशक अविनाश पांडेय ने कंप्लीट किया अपनी 10वीं फिल्म ‘मारवाड़ी बहू’ की शूटिंग
- मनरेगाकर्मियों की बैठक में मनरेगा कार्यो को जल्द से जल्द पुर्ण करने का दिया निर्देश
- आज का राशिफल. 25.03.2026
- एमएमएमयूटी में 144 बेडेड गर्ल्स हॉस्टल का शिलान्यास आज, सीएम योगी देंगे सौगात
- मेरठ में AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली का विवादित बयान
- आज का राशिफल 24.03.2026

