गौ कथा सुनकर श्रद्धालु हुए प्रफुल्लित,
पीपीगंज/गोरखपुर
जय गौ माता सरहरी के पावन धरा में गोरखपुर से पधारे कथा व्यास श्री डॉ विनय कुमार पाण्डेय महाराज जी के द्वारा गौ माता कि सत्ता, महत्ता आवश्यकता एवं उनके पंचगव्यों के महत्व को समझने, स्वीकारने, आत्मसात करने तथा जीवन में उपयोग में लाने हेतु एवं गौ रक्षा हेतु संकल्प आदि को लेकर गौ कथा आज संपन्न हुआ , गौ कथावाचक पूज्य महाराज श्री विनय कुमार पांडेय महाराज के मुखारविंद से नगरवासियों गौ प्रेमियों व गौ सेवकों ने गौ कथा का श्रवण किया ।
एक दिवसीय इस दिव्य आयोजन में पूज्य महाराज जी द्वारा गौ माता कि उत्पत्ति व विभिन्न शास्त्र पुराणों में उल्लेख गौ माता के सर्वोपरि महत्व आदि का वर्णन किया गया गायो से उत्पन्न दूध, दही, घी, गोबर, मूत्र और रोचना-ये छ: अङ्ग (गोषडङ्ग) अत्यन्त पवित्र हैं और प्राणियोंके सभी पापों को नष्ट कर उन्हें शुद्ध करने वाले हैं। श्री सम्पन्न बिल्व वृक्ष गौओ के गोबर से ही उतपन्न हुआ है। यह भगवान् शिवजी को अत्यन्त प्रिय है। चूँकि उस वृक्ष में पद्महस्ता भगवती लक्ष्मी साक्षात् निवास करती हैं, इसीलिये इसे श्री वृक्ष भी कहा गया है। बाद में नीलकमल एवं रक्तकमलके बीज भी गोबरसे ही उत्पन्न हुए थे। गौओ के मस्तक से उत्पन्न परम पवित्र गोरोचना है समस्त अभीष्टो की सिद्धि करनेवाली तथा परम मङ्गलदायिनी है। इस प्रकार बहुत से दिव्य प्रसंगों का पूज्य महाराज जी द्वारा और विभिन्न से प्रसंगों को रखा गया। कथा करवाने का उद्देश यही रहा है कि हमारे मानव समाज में गौ का धार्मिक, आर्थिक, वैद्यकीय आदी महत्त्व क्या है, यह हम सब जाने व गौ माता का संरक्षण हो, उसका सही तरीके से पालन हो व गाय की सेवा हो।
विजयनाथ अनिरूद्ध किरन बाबा प्रेमचंद्र मानव सेवा संस्थान के मुख्य ट्रस्टी एवं आयोजक विनोद कुमार त्रिपाठी और गौ कथा के जजमान किन्नर गुरु सिन्दूर बाबा ने लोक कल्याण के लिए आयोजन किया । जिसमे मुख्य अतिथि महामंडलेशर कनकेशवरी नन्द गिरी जी रही । इस दौरान गोरक्ष प्रान्त के अध्यक्ष अवधेश सिंह , उपाध्यक्ष मनोज रावत, आरएसएस गौ सेवा के प्रशिक्षण राजकुमार शर्मा, ग्राम प्रधान मोतीलाल गुप्ता तथा उनके हजारों समर्थक मौजूद रहे ।

