“स्व.सदरजीत राय पहलवान की स्मृति में भव्य दंगल प्रतियोगिता”
खजनी/ गोरखपुर। जाने माने नामी गिरामी राष्ट्रीय पहलवान को अपनी कुश्ती के कुशल दांव-पेंच से आसमान दिखाने वाले पूर्वांचल के पहलवान दुनियां में सर्वश्रेष्ठ हैं, जरूरत है समय के साथ बदलने की और उन्हें प्रोफेशनल कुश्ती के दांव-पेंच सिखाने की राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिताओं में अंकों के आधार पर हार जीत के फैसले होते हैं। पहलवानों को उसी के अनुसार प्रशिक्षित किया जाना चाहिए यही समय की मांग है।
इलाके के लोनावं गांव के अखाड़े में स्वर्गीय सदरजीत राय पहलवान की पूण्यस्मृति में 20 वें वर्ष आयोजित खुली दंगल प्रतियोगिता के दौरान उक्त विचार राष्ट्रीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष एवं सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किए। उन्होंने रूद्रपुर खजनी के स्वर्गीय ब्रह्मदेव मिश्र पहलवान द्वारा राष्ट्रीय पहलवान दारा सिंह को चैलेंज के साथ सिर्फ डेढ़ मिनट में निकाल दांव से अखाड़े में चित्त करने की घटना का उल्लेख करते हुए बताया कि वे गोरखपुर में लंबे समय तक रहे हैं और सभी पुराने पहलवानों और अखाड़े पर उनके कारनामों से पूरी तरह से परिचित हैं। इस दौरान उन्होंने मेरठ के पहलवान शाकिर नूर और गाजीपुर के मुन्ना पहलवान का हांथ मिलाकर उनकी दंगल कराई जिसमें नूर पहलवान ने अंकों के आधार पर बाजी मारी, आयोजक राष्ट्रीय पहलवान एवं जिला पंचायत सदस्य अरविंद राय उर्फ बिट्टू ने उन्हें गदा भेंट देकर सम्मानित किया। मुख्य अतिथि तथा विशिष्ठ अतिथि विधायक श्रीराम चौहान ने इलाके के 100 से अधिक बुजुर्ग पहलवानों को अखाड़े पर बुलाकर उन्हें अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
दंगल में महराजगंज के जितेंद्र और हरियाणा के अंकेड़ा दिल्ली के मंगल और गड़ैना के अभिषेक लोनावं के आकाश तथा देवरिया के दिव्यांशु वाराणसी के सन्नी और दिल्ली के संदीप इटौवा के ऋषभ तथा पक्कीबाग के विजय गाजीपुर के रितेश तथा दिल्ली के अभिषेक बड़गों के मोनू तथा बनारस के अजय पहलवानों ने अखाड़े में अपने दमखम दिखाए, इसके साथ ही क्षेत्रीय तथा देश प्रदेश के दर्जनों पहलवानों ने अखाड़े में अपने दांव आजमाए। रोचक मुकाबले में भारत केसरी प्रदेश केसरी महिला और पुरुष पहलवानों के बीच कांटे का रोचक मुकाबला हुआ।
महिला पहलवानों में आरती कानपुर से पलक बनारस, मीनू दिल्ली से खुश्बू गोरखपुर, प्रिया चतुरबंदुआरी से कल्पना कानपुर, प्रियंका चतुरबंदुआरी से अनिता कानपुर के पहलवानों के बीच भी कांटे का मुकाबला हुआ। खुली दंगल प्रतियोगिता में कुल 150 से अधिक जोड़ी के दर्जनों छोटे बड़े पहलवानों ने दांव आजमाए। इस दौरान क्षेत्र के नामी पहलवानों अतिथियों और गणमान्य व्यक्तियों को अखाड़े पर बुलाकर माला पहनाकर साफा बांधकर और अंगवस्त्र भेंट दे कर सम्मानित किया गया। संचालन उमेश राय पहलवान, शैलेश यादव ने किया तथा रेफरी के रूप में श्यामपाल बंदुआरी अखाड़े के कोच रमाकांत वीरबहादुर सिंह स्पोर्ट्स काॅलेज, तथा ओंकार यादव कृष्णानगर अखाड़े के कोच ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजक राष्ट्रीय पहलवान एवं जिला पंचायत सदस्य अरविन्द राय उर्फ बिट्टू राय ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार जताया।