गोरखपुर। विश्व में हिंदू ही ऐसा धर्म है जो नदियों को माता मानता है पर्यावरण की पूजा करता है समरसता का भाव रखता और सभी के सुख की कामना करता है। और ऐसा ही विश्व हिंदू परिषद के एकात्मकता स्तोत्र जो आपने विगत 10 दिनों में यहां पर रोज पढ़ा होगा उसमें भी वर्णित है। भारत ने ही पूरे विश्व को ध्यान और ज्ञान से अवगत कराया है। भारतीय सभ्यता मात्र एक भौगोलिक सीमा तक ही नहीं रही, इसका प्रभाव विश्वभर की संस्कृतियों पर पड़ा। वेद, पुराण, योग, आयुर्वेद, कला, साहित्य, शिल्प, वास्तुकला सहित जीवन जीने की आदर्श पद्धति ने असंख्य देशों, सभ्यताओं और जनजातियों पर अपनी गहरी छाप छोड़ी”


