मीडिया के हस्तक्षेप के बाद, शासन और प्रशासन की उड़ी नींद अनशन समाप्त करवा दिया अनशन कर रहे लोगों को क्षेत्राधिकार ने जूस पिलाकर अनशन करवाया समाप्त समस्या का समाधान किया वादा।
ब्यूरो प्रभारी : संतोष कुमार त्रिपाठी, खजनी गोरखपुर।
खजनी। गोरखपुर एक गरीब परिवार ने पुलिस उत्पीड़न के खिलाफ अनशन शुरू कर दिया है। उनका आरोप है कि पुलिस ने उनके साथ अन्याय किया है और उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है थाने में बुलाकर पत्नी के सामने किया बेइज्जत का लगाया आरोप उरुवा थाना क्षेत्र की ग्राम सभा नकौझा में एक परिवार अपनी जमीन पर दबंगों के कब्जे और पुलिस की कथित निष्क्रियता के खिलाफ अंन जल त्याग मरणासन पर बैठ गया है। बारिश और उमस भरी गर्मी में यह परिवार न रोटी खा रहा है, न पानी पी रहा है, बस एक ही सवाल के साथ न्याय की गुहार लगा रहा है—”आखिर हमें अपनी ही जमीन पर जीने का हक क्यों नहीं ?”
ग्राम सभा नकौझा तहसील गोला में अनिता देवी के नाम पर दर्ज जमीन को लेकर विवाद है। अनिता और उनके पति राकेश शुक्ला का आरोप है कि सह-खातेदार फूलचंद, लालचंद और उनके साथी सड़क किनारे की जमीन पर जबरन पीलर गाड़कर कब्जा कर रहे हैं। यह जमीन बंटवारे के लिए विचाराधीन है, और कोई अंतिम आदेश नहीं आया है। फिर भी, दबंगों ने खेत में कृषि कार्य रोक दिया और अवैध निर्माण शुरू कर दिया।
पिडित राकेश शुक्ला ने बताया मेरी पत्नी के नाम की जमीन पर दबंग कब्जा कर रहे हैं। पुलिस उनकी मदद कर रही है। हमें जेल में डाला गया, हमारी महिलाओं से बदसलूकी की गई। मजबूर होकर हम पूरे परिवार के साथ आमरण अनशन पर बैठे हैं जब तक दबंगों द्वारा हमारी जमीन को मुक्त नहीं कर दिया जाएगा किसी जमीन पर प्राण त्याग देंगे लेकिन जमीन नहीं छोड़ेंगे।
10 घंटे अनशन के बाद मीडिया द्वारा खबर चली तो शासन प्रशासन के होश उड़ गए पीड़ित परिवार के पास आकर जमीन दिलाने के आश्वासन पर अनशन समाप्त कराए। मौके पर क्षेत्राधिकार गोला नायब तहसीलदार थाना प्रभारी उरुवा लेखपाल सहित अन्य अधिकारी रहे मौजूद।