ब्यूरो प्रभारी — विनय तिवारी
बड़हलगंज/गोरखपुर(निष्पक्ष टुडे) : बड़हलगंज जिलाधिकारी गोरखपुर ने स्थानीय विकास खण्ड की ग्राम पंचायत गायघाट की महिला प्रधान बिंद्रावती देवी का एक बार फिर वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार छीनते हुए ग्राम पंचायत में त्रिस्तरीय समिति गठित कर विकास कार्य संचालन का आदेश निर्गत किया है। इस बार प्रधान के ऊपर वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार प्रतिबंधित होने के दौरान एमडीएम खाते से धन आहरित करने का आरोप सिद्ध हुआ है। बताते चलें कि इसके पूर्व भी गांव निवासी निखिल सिंह की शिकायत पर जिलाधिकारी द्वारा कराई गई जांच में प्रधान का वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज हुआ था और ग्राम पंचायत में त्रिस्तरीय समिति गठित हुई थी, जिसने लगभग छः माह तक प्रधान के दायित्वों का निर्वहन किया। ग्राम पंचायत गायघाट निवासी शिकायतकर्ता निखिल सिंह द्वारा प्रार्थना पत्र के माध्यम से श्रीमती बिन्द्रावती देवी ग्राम प्रधान ग्राम पंचायत गायघाट विकास खण्ड बडहलगंज का वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार प्रतिबन्धित होने के बाद भी एमडीएम खाते का संचालन करते हुए प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक के संयुक्त हस्ताक्षर से धन निकासी की शिकायत की गयी। जिलाधिकारी गोरखपुर ने शिकायत की जॉच हेतु जिला कार्यक्रम अधिकारी गोरखपुर, सहायक अभियंता सिडको गोरखपुर एवं सहायक अभियन्ता ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग, गोरखपुर को नामित किया गया। जॉच अधिकारी जिला कार्यक्रम अधिकारी गोरखपुर के कार्यालय पत्रांक सी. 1027 दिनांक 17.05.2025 द्वारा जॉच आख्या प्रेषित की गयी जिसके अनुसार जिला कार्यक्रम अधिकारी, गोरखपुर के कार्यालय पत्र संख्या-सी-4161 दिनांक 17.03.2025 द्वारा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, गोरखपुर से प्रकरण से संबंधित एम०डी०एम० खाते के संचालन सम्वन्धी अभिलेख उपलब्ध कराये जाने की अपेक्षा की गयी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, गोरखपुर द्वारा खण्ड शिक्षा अधिकारी, बड़हलगंज से प्राप्त प्राथमिक विद्यालय गायघाट द्वारा उपलब्ध कराये गये अभिलेख एवं आख्या के परीक्षणोपरान्त यह स्पष्ट हुआ कि ग्राम प्रधान का वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार प्रतिबन्धित रहने के अवधि दिनांक 13.03.2024 से बहाल होने की अवधि दिनांक 11.11.2024 के मध्य में भी ग्राम प्रधान एवं प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय गायघाट के संयुक्त हस्ताक्षर से एम०डी०एम० की धनराशि का आहरण किया गया है।जांच आख्या में प्रथम दृष्टया वित्तीय और अन्य अनियमितताओं का दोषी मानते हुए उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम एवं नियमावली 1947 यथा संशोधित की धारा 95 (1) (छः) के प्रतिबन्धात्मक खण्ड में दिये गये प्राविधान के अनुसार जिलाधिकारी गोरखपुर ने विन्द्रावती देवी, ग्राम प्रधान ग्राम पंचायत गायघाट का वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार प्रतिबन्धित कर दिया। साथ ही अपने कार्यालय पत्रांक 1686 दिनांक 16 जुलाई 2025 के माध्यम से ग्राम पंचायत गायघाट के ग्राम पंचायत प्रधान पद के कर्तव्यों का पालन एवं उसकी शक्तियों का प्रयोग करने के लिए ग्राम पंचायत सदस्य अनीता देवी, चन्द्रवली तथा मुन्नी देवी की त्रिसदस्यीय समिति गठित कर दी गई है। जिलाधिकारी गोरखपुर ने अनिता देवी को डिजिटल सिग्नेचर के प्रयोग हेतु अधिकृत किया गया है।