गोला। सरकारी कला, वाणिज्य एवं विज्ञान महाविद्यालय, सूरत (गुजरात) के हिंदी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. सुबोध ठाकुर को “लर्निंग एक्सपोज़र कम स्टडी टूर” के दौरान के.आर.ई. सोसायटी द्वारा संचालित कर्नाटक कला, विज्ञान एवं वाणिज्य महाविद्यालय, बीदर (कर्नाटक) में सम्मानित किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार की ओर से डॉ. ठाकुर का पारंपरिक रीति से शॉल ओढ़ाकर, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर अभिनंदन किया गया।
मूलतः उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक व सांस्कृतिक महत्व वाले कुशीनगर जिले से संबंध रखने वाले डॉ. सुबोध ठाकुर हिंदी साहित्य, आलोचना और अकादमिक अनुसंधान के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उनके शोधपत्र एवं लेख विभिन्न राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं एवं शोधपत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। शिक्षण के साथ-साथ वे छात्रों में साहित्यिक और शोधपरक चेतना जागृत करने के लिए भी लगातार प्रयासरत रहते हैं। डॉ. ठाकुर अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के आशीर्वाद, जन्मभूमि गाँव की मिट्टी की प्रेरणा, पत्नी अंजलि के सहयोग एवं स्नेह तथा पुत्री वात्सल्या की मासूम मुस्कान को देते हैं। उनका मानना है कि परिवार ही व्यक्ति को मूल्यों, संवेदनाओं और सृजन की ऊर्जा से संपन्न करता है। यही कारण है कि वे अकादमिक जीवन में सदैव विनम्रता और परिश्रम को सर्वोपरि मानते हैं। सम्मान पाकर डॉ. सुबोध ठाकुर ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि, “इस प्रकार के अध्ययन भ्रमण और सम्मान न केवल अकादमिक दृष्टि को व्यापक बनाते हैं, बल्कि शोध एवं साहित्यिक कार्यों के लिए नई ऊर्जा और प्रेरणा भी प्रदान करते हैं। शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच विचारों का आदान-प्रदान हमें नए अनुभव देता है, जो शिक्षा जगत को और अधिक सशक्त बनाने में सहायक सिद्ध होता है।” गौरतलब है कि इस स्टडी टूर के अंतर्गत कर्नाटक राज्य के दो महाविद्यालयों का भ्रमण कर शैक्षणिक संवाद एवं आदान-प्रदान किया जा रहा है। बीदर में प्राप्त यह सम्मान समारोह न केवल हिंदी विभाग, बल्कि संपूर्ण महाविद्यालय परिवार और उनके गृह प्रदेश कुशीनगर के लिए भी गौरव का क्षण है।

