“भारत को ‘नौकरों’ का नहीं, ‘मालिकों’ का देश बनाना ही स्वदेशी का मूल लक्ष्य: धीरज राय”
स्वदेशी जागरण मंच की नई कार्यकारिणी ने ली शपथ, पलायन रोकने और उद्यमिता बढ़ाने पर जोर
स्वदेशी जागरण मंच एवं स्वावलंबी भारत अभियान, गोरखपुर द्वारा नवनियुक्त कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न
इतिहास में विश्व व्यापार में ३३% हिस्सेदारी रखने वाला भारत पुनः आर्थिक महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर
स्वदेशी जागरण मंच एवं स्वावलंबी भारत अभियान, गोरखपुर के तत्वावधान में आज असुरन स्थित शिव सूत्र मैरेज गार्डन में नवनियुक्त जिला कार्यकारिणी का ‘सम्मान समारोह, शपथ ग्रहण एवं परिचय वर्ग’ अत्यंत उत्साह के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वदेशी जागरण मंच के प्रांत संयोजक धीरज राय ने की। मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. मुकेश शुक्ल एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में सुजीत गुप्ता उपस्थित रहे। मंच संचालन सह-प्रांत संयोजक योगेश पाण्डेय द्वारा किया गया।
स्वदेशी: एक सांस्कृतिक और आर्थिक जीवन पद्धति
अध्यक्षीय उद्बोधन में धीरज राय ने कौटिल्य के सूत्र ‘उद्योगेनास्तिदारिद्रयं’ का उल्लेख करते हुए कहा कि उद्यम करने वाला कभी दरिद्र नहीं हो सकता। उन्होंने ऐतिहासिक तथ्यों को रखते हुए बताया कि ३००० साल पहले रोम के इतिहासकार प्लिनी और स्ट्रेबो ने स्वीकार किया था कि रोम की स्वर्ण मुद्राएं भारत के उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों (मलमल, इत्र, तलवारें, औषधि) के कारण भारत जा रही हैं। उन्होंने कहा, “भारत केवल आध्यात्मिक या कृषि प्रधान देश नहीं, बल्कि विश्व व्यापार में ३३% हिस्सेदारी रखने वाला औद्योगिक केंद्र था। आज हमें उसी गौरव को वापस लाना है।”
पलायन बनाम स्वावलंबन का मॉडल
डॉ मुकेश शुक्ला ने पंजाब और भिखारी ठाकुर के ‘विदेशिया’ का उदाहरण देते हुए कहा कि केवल १५,००० की नौकरी के लिए दिल्ली-मुंबई जैसे शहरों के स्लम में रहना व्यक्ति का सामाजिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक पलायन है। स्वावलंबी भारत अभियान का उद्देश्य युवा को job Seekar ‘याचक’ के बजाय ‘दाता’ (Job Provider) बनाना है। उन्होंने अभियान का पंच-सूत्र दिया: खेती प्राकृतिक, पशुधन देसी, बागवानी औषधीय, बाजार स्वदेशी और घर भारतीय।
कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण
कार्यक्रम के अंत में नवनियुक्त पदाधिकारियों ने राष्ट्र निर्माण और स्वदेशी के प्रसार की शपथ ली। जेआरडी टाटा, वारेन बुफेट और बाबा रामदेव जैसे सफल उद्यमियों का उदाहरण देते हुए कार्यकर्ताओं का आह्वान किया गया कि वे हर ब्लॉक में ५० नए उद्यमी तैयार करें।
घोषित कार्यकारिणी की सूची:
स्वदेशी जागरण मंच, गोरखपुर:
जिला संयोजक: डॉ. मुकेश शुक्ला;
विभाग संयोजक, गोरखपुर विभाग: श्री देवेश सिंह;
सह-जिला संयोजक: डॉ. अमित मणि त्रिपाठी, श्री अजीत पाल; जिला विचार विभाग प्रमुख: ई. हरिश चन्द्र जायसवाल; जिला संपर्क प्रमुख: श्री गोस्वामी आलोक भारती; जिला प्रचार प्रमुख: डॉ. देवेज्य श्रीवास्तव; जिला महिला प्रमुख: श्रीमती अनिता शर्मा; जिला संघर्ष वाहिनी प्रमुख: श्री सोम नाथ गुप्ता; जिला युवा प्रमुख: श्री हिमांशु तिवारी; जिला सोशल मीडिया प्रमुख: श्री रवि श्रीवास्तव; जिला पर्यावरण प्रमुख: श्री परमात्मा धर दुबे।
जिला समन्वयक: श्री राणा प्रताप सिंह; सह-जिला समन्वयक: श्री शक्ति, श्री आदित्य प्रताप, श्री अमन; जिला विचार विभाग प्रमुख: श्री वेद प्रकाश, सह-प्रमुख: श्री समरेंद्र; जिला संपर्क प्रमुख: श्री ऋतुराज राजा, सह-प्रमुख: श्री रितिक गुप्ता; जिला प्रचार प्रमुख: श्री आदर्श दुबे, सह-प्रमुख: श्री सनी सिंह; जिला संघर्ष वाहिनी प्रमुख: श्री किशोर, सह-प्रमुख: श्री राजकुमार दुबे; जिला युवा प्रमुख: श्री अर्जुन मिश्रा, सह-प्रमुख: श्री श्रेयांश; जिला सोशल मीडिया प्रमुख: श्री रौनक यादव; जिला प्राकृतिक एवं देशी गौ संवर्धन प्रमुख: श्री सरवन शुक्ला; जिला पर्यावरण प्रमुख: श्री तारकेश्वर।
इस अवसर पर अंशुमान मिश्रा, राजेश सिंह, निर्भय वर्मा, अमरेंद्र राय, राहुल राय, अभिषेक मिश्रा, दीपक सिंह, उपेंद्रशुक्ला, महेंद्र नाथ मिश्रा, मनोज राय, मणिनाथ गुप्ता, अनिमेष सिंह, आनंद पांडे अमरेश शुक्ला सहित अन्य गणमान्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।