गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-
गोरखपुर के आर डी एस होटल सभागार में शुक्रवार 8 मई 2026 को उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुराई गुट के 63वें वार्षिक प्रांतीय महाधिवेशन का भव्य समापन हुआ। पूर्वाह्न 11 बजे से शुरू होकर अपराह्न 3 बजे तक चले इस समारोह में प्रदेश भर से आए शिक्षकों और पदाधिकारियों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली।

समापन समारोह में संघ के प्रांतीय संरक्षक श्रद्धेय जगदीश पांडेय ठकुराई, उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद के संरक्षक डॉ टी पी सिंह, पूर्व विधायक प्रत्याशी एम पी सिंह, प्रांतीय मंत्री एवं कार्यक्रम संयोजक डॉ अजय कुमार पाण्डेय, प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह गौतम, जिलाध्यक्ष सत्यपाल सिंह और जिलामंत्री डॉ शोभित श्रीवास्तव मंचस्थ रहे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष सत्यपाल सिंह ने की, जबकि संचालन देवेंद्र प्रताप सिंह गौतम और डॉ शोभित श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से किया। आभार ज्ञापन महाधिवेशन संयोजक डॉ अजय कुमार पाण्डेय ने किया।

महाधिवेशन को संबोधित करते हुए प्रांतीय संरक्षक जगदीश पांडेय ठकुराई ने “एक देश-एक समान शिक्षा व्यवस्था” लागू करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि शिक्षा बचाओ अभियान के माध्यम से शिक्षकों, छात्रों और अभिभावकों को जोड़कर सहायता प्राप्त विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए संघर्ष किया जाएगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा अधिकार अधिनियम में ग्राम शिक्षा समिति और स्कूल मैनेजमेंट कमेटी के गठन का स्पष्ट प्रावधान होने के बावजूद आज तक उन्हें अधिकार संपन्न नहीं बनाया गया। उन्होंने कहा कि संगठन इन अधिकारों की लड़ाई बड़े आंदोलन के रूप में लड़ेगा।
उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद के संरक्षक डॉ टी पी सिंह ने कहा कि ठकुराई जी के नेतृत्व में पेंशन का ट्रेजरी भुगतान, 62 वर्ष की अधिवर्ष आयु, ऑनलाइन स्थानांतरण और उच्चीकृत वेतनमान जैसी महत्वपूर्ण उपलब्धियां मिली हैं। उन्होंने कहा कि आगे भी शिक्षा सुधार की लड़ाई ठकुराई गुट ही मजबूती से लड़ेगा।

प्रांतीय मंत्री एवं महाधिवेशन संयोजक डॉ अजय कुमार पाण्डेय ने कहा कि संगठन पुरानी पेंशन बहाली, विनियमित शिक्षकों को पेंशन लाभ, रिक्त पदों पर भर्ती, तदर्थ शिक्षकों के विनियमितिकरण, पितृत्व अवकाश और शिक्षकों से केवल शैक्षिक कार्य लिए जाने जैसी मांगों को लेकर संघर्ष करेगा।
उन्होंने माध्यमिक विद्यालयों में डिजिटल बोर्ड, स्मार्ट क्लास, आधुनिक उपकरण और संसाधनों की व्यवस्था की मांग भी उठाई और कहा कि आवश्यकता पड़ने पर धरना और आंदोलन किए जाएंगे।
जिलाध्यक्ष सत्यपाल सिंह ने महाधिवेशन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि संगठन शिक्षकों और शिक्षा हित में लिए गए सभी निर्णयों को लागू कराने के लिए संघर्ष के लिए पूरी तरह तैयार है।


