अयोध्या ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-
अयोध्या बार एसोसिएशन का बड़ा फैसला, मंदिर की मर्यादा और श्रद्धालुओं की आस्था का हवाला देते हुए आरोपियों को कानूनी सहायता देने से किया इनकार; बैठक में ट्रस्ट पदाधिकारियों पर भी उठे सवाल
अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा और चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों को लेकर अयोध्या के अधिवक्ताओं ने कड़ा रुख अपनाया है। अयोध्या बार एसोसिएशन से जुड़े वकीलों ने कथित तौर पर फैसला लिया है कि वे राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के आरोपियों का मुकदमा नहीं लड़ेंगे।
बताया जा रहा है कि इस मामले में आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत अन्य आरोपियों को कानूनी सहायता देने से अधिवक्ताओं ने दूरी बना ली है। वकीलों का कहना है कि यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और मंदिर की मर्यादा से जुड़ा हुआ है, इसलिए वे आरोपियों का पक्ष नहीं लेंगे।
मुख्य बिंदु:
🔴 राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा अपडेट
🔴 आरोपियों का मुकदमा लड़ने से अधिवक्ताओं ने किया इनकार
🔴 रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत अन्य आरोपियों को झटका
🔴 अयोध्या बार एसोसिएशन ने आस्था और मंदिर की मर्यादा का दिया हवाला
🔴 बैठक में ट्रस्ट पदाधिकारियों पर भी उठे सवाल
इसी दौरान, बार एसोसिएशन की बैठक में कुछ अधिवक्ताओं ने मुखर होकर यह भी कहा कि चम्पत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राय को अयोध्या छोड़ देना चाहिए। बैठक में यह चेतावनी भी दी गई कि यदि तीन दिनों के भीतर ऐसा नहीं हुआ, तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा और अयोध्या में प्रवेश को लेकर विरोध प्रदर्शन तथा जाम जैसी कार्रवाई की जा सकती है।


