गोरखपुर लिफ्ट में 20 मिनट तक फंसे रहे तीन स्कूली बच्चे तारामंडल स्थित लेक व्यू अपार्टमेंट की घटना गोरखपुर विकास प्राधिकरण की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक लेक व्यू अपार्टमेंट की दो लिफ्ट सोमवार को खराब हो गई एक में स्कूल से लौटे एक ही परिवार के तीन बच्चे करीब 20 मिनट तक फंसे रहे तो दूसरी लिस्ट में शाम के समय एक ट्रांसपोर्टर 8 मिनट तक फस गए इस घटना को लेकर समिति के लोगों में काफी आक्रोश है उनका कहना है कि दिसंबर 2023 में सीडीएन समिति को परियोजना हैंडोवर की और तब से कई बार लिफ्ट खराब हो चुकी है इसकी शिकायत प्राधिकरण से भी की गई लेकिन हर बार अधिकारी अनसुना कर देते हैं सोमवार की दोपहर तारामंडल के ठीक बगल में स्थित लेक व्यू अपार्टमेंट में बी ब्लॉक के 504 नंबर फ्लैट में रहने वाले राजीव यादव की बिटिया 15 वर्षी अंकित बेटा 13 वर्षीय अवनीश और 11 वर्षी अंश गिड़ा स्थित लिटिल फ्लावर स्कूल से वापस घर लौट रहे थे समिति परिसर में पहुंचने के बाद जैसे ही तीनों बच्चे लिफ्ट नंबर चार में दाखिल हुए थोड़ी ही देर में अचानक लिफ्ट बीच में झटका के साथ बंद हो गई बच्चों को लगा कि बिजली चली गई है लेकिन जब कुछ वक्त गुजर गया तो उन्हें खतरे का अंदेशा हुआ उन्होंने लिफ्ट के भीतर लगे फोन से गेटमैन को फोन लगाया तो परिवार समय समिति के सभी लोग एकत्रित हो गए काफी मशक्कत के बाद किसी तरह से बच्चों को बाहर निकल गया
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- एनडीआरएफ ने एनसीसी कैडेट्स को सिखाए आपदा प्रबंधन के गुर *आपातकाल में बचाव और राहत का दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण।* संवाददाता – एस.पी. सिंह सहजनवा, (गोरखपुर)। 44वीं यूपी बटालियन एनसीसी द्वारा भोलाराम मस्करा इंटर कॉलेज, सहजनवा में आयोजित संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर-157 के नौवें दिन कैडेट्स को आपदा प्रबंधन एवं राहत कार्यों का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। 11वीं एनडीआरएफ की विशेषज्ञ टीम ने एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से कैडेट्स को प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के दौरान स्वयं तथा अन्य लोगों की सुरक्षित ढंग से सहायता एवं बचाव करने के प्रभावी तरीके सिखाए। कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल रमन तिवारी के अनुरोध पर, एनडीआरएफ के उपमहानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में निरीक्षक दीपक कुमार मंडल एवं उनकी टीम ने प्रशिक्षण का संचालन किया। विशेषज्ञों ने कैडेट्स को बताया कि किसी भी आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय धैर्य, सूझबूझ और सही तकनीक के साथ कार्य करना सबसे महत्वपूर्ण होता है। प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स को प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड), ट्रॉमा मैनेजमेंट, हृदयाघात (हार्ट अटैक) की स्थिति में सीपीआर देने की सही विधि, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बचाव एवं राहत कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से यह भी बताया कि सीमित संसाधनों और घरेलू उपयोग की वस्तुओं से किस प्रकार अस्थायी बचाव उपकरण एवं स्ट्रेचर तैयार कर घायल व्यक्तियों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जा सकता है। एनडीआरएफ की टीम ने कैडेट्स को आपदा के समय त्वरित निर्णय लेने, टीम भावना के साथ कार्य करने तथा विपरीत परिस्थितियों में भी हिम्मत न हारने का संदेश दिया। प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स ने पूरे उत्साह के साथ विभिन्न बचाव तकनीकों का अभ्यास किया और विशेषज्ञों से अपने प्रश्नों के उत्तर भी प्राप्त किए। कार्यक्रम के समापन पर कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल रमन तिवारी ने 11वीं एनडीआरएफ की टीम के उत्कृष्ट प्रशिक्षण एवं सराहनीय योगदान के लिए स्मृति-चिह्न (मोमेंटो) भेंट कर उन्हें सम्मानित किया तथा कैडेट्स के लिए इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी और जीवनोपयोगी बताया।
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