ध्वस्त हो नदी में गिरा करमहिया पुल का दक्षिणी एप्रोच
संवाददाता अरविंद कुमार
नौतनवा/महराजगंज : नौतनवा ब्लाक क्षेत्र के कैथवलिया उर्फ बरगदही व शेख फरेंदा गांव के करमहिया टोला के बीच स्थित घाघरा नदी पर बने पुल का दक्षिणी एप्रोच सोमवार ध्वस्त हो भरभरा कर नदी में जा गिरा। जिससे पुल से वाहनों का आवागमन रुक गया है। ग्रामीणों ने एप्रोच निर्माण में धांधली का आरोप लगाया है और एप्रोच को दुरुस्त करने की मांग की है।
नेपाल के रूपन्देही जिला के तिनाव नदी से निकली करीब 10 किलोमीटर लंबी घाघरा नदी बरगदही गांव के मल्लाह टोला के पास डंडा नदी में आ मिलती है। यह नदी बरसात के दिनों में तेजी से उफनाती है। गन्ना विभाग करीब 12 वर्ष पूर्व इस नदी पर पुल का निर्माण कराया था। लेकिन निर्माण के दो वर्ष बाद ही पुल के एप्रोच ध्वस्त होने लगे। हर वर्ष पुल के एप्रोच बरसात मिट्टी व ईट के टुकड़ों से मरम्मत किए जाते थे। लेकिन दक्षिणी एप्रोच के कटान का सिलसिला जारी रहा। जिस पर लोक निर्माण विभाग ने लाखों रूपये की लागत से पत्थर युक्त एप्रोच बनाए। लेकिन यह एप्रोच भी कामगार व ठोस साबित नहीं हुआ। बरसात से उफनाई नदी का जल स्तर कम होते ही पुल दक्षिणी एप्रोच धंस गया। ग्रामीण सुग्रीव यादव, केदार साहनी, दयाशंकर पाठक, मोलहू प्रसाद व शिव शंकर ने बताया कि एप्रोच निर्माण में धांधली हुई है। जिससे वह निर्माण के चार माह भीतर ही ध्वस्त हो गया है। लोक निर्माण विभाग के जेई सुधीर वर्मा ने बताया कि शीघ्र ही ध्वस्त हुए एप्रोच की मरम्मत करा दी जाएगी।
Trending
- योगी का अखिलेश पर तीखा हमला, बोले- “अयोध्या को राम भक्तों ने संवारा, सपा ने चलाई थी गोलियां”
- आज का राशिफल 28.06.2026
- एनसीसी के पूर्व कैडेट्स का ऐतिहासिक संगम
- एनडीआरएफ ने एनसीसी कैडेट्स को सिखाए आपदा प्रबंधन के गुर *आपातकाल में बचाव और राहत का दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण।* संवाददाता – एस.पी. सिंह सहजनवा, (गोरखपुर)। 44वीं यूपी बटालियन एनसीसी द्वारा भोलाराम मस्करा इंटर कॉलेज, सहजनवा में आयोजित संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर-157 के नौवें दिन कैडेट्स को आपदा प्रबंधन एवं राहत कार्यों का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। 11वीं एनडीआरएफ की विशेषज्ञ टीम ने एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से कैडेट्स को प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के दौरान स्वयं तथा अन्य लोगों की सुरक्षित ढंग से सहायता एवं बचाव करने के प्रभावी तरीके सिखाए। कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल रमन तिवारी के अनुरोध पर, एनडीआरएफ के उपमहानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में निरीक्षक दीपक कुमार मंडल एवं उनकी टीम ने प्रशिक्षण का संचालन किया। विशेषज्ञों ने कैडेट्स को बताया कि किसी भी आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय धैर्य, सूझबूझ और सही तकनीक के साथ कार्य करना सबसे महत्वपूर्ण होता है। प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स को प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड), ट्रॉमा मैनेजमेंट, हृदयाघात (हार्ट अटैक) की स्थिति में सीपीआर देने की सही विधि, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बचाव एवं राहत कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से यह भी बताया कि सीमित संसाधनों और घरेलू उपयोग की वस्तुओं से किस प्रकार अस्थायी बचाव उपकरण एवं स्ट्रेचर तैयार कर घायल व्यक्तियों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जा सकता है। एनडीआरएफ की टीम ने कैडेट्स को आपदा के समय त्वरित निर्णय लेने, टीम भावना के साथ कार्य करने तथा विपरीत परिस्थितियों में भी हिम्मत न हारने का संदेश दिया। प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स ने पूरे उत्साह के साथ विभिन्न बचाव तकनीकों का अभ्यास किया और विशेषज्ञों से अपने प्रश्नों के उत्तर भी प्राप्त किए। कार्यक्रम के समापन पर कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल रमन तिवारी ने 11वीं एनडीआरएफ की टीम के उत्कृष्ट प्रशिक्षण एवं सराहनीय योगदान के लिए स्मृति-चिह्न (मोमेंटो) भेंट कर उन्हें सम्मानित किया तथा कैडेट्स के लिए इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी और जीवनोपयोगी बताया।
- रावण ने माता सीता का हरण किया था, राम मंदिर के दानपात्र में श्रद्धा की चोरी हुई” – धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का बड़ा बयान
- गुड़-रोटी खिलाकर सीएम योगी ने की गोसेवा, गोवंश को दुलारकर दिया संरक्षण का संदेश
- जरूरतमंदों के इलाज और आवास की व्यवस्था कराएगी सरकार : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- आज का राशिफल 27.06.2026

