आज ओबीसी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष काली शंकर यदुवंशी ने चौरी चौरा विधानसभा के अंतर्गत गोर्रा नदी तट पर बसे ग्राम पंचायत कटसिकरा लकड़िया का बांध जगह-जगह क्षतिग्रस्त है जिसकी मरम्मत की मांग को लेकर ग्रामीणों के साथ प्रदर्शन किया गया तथा मुख्य अभियंता सिंचाई ए.के. सिंह से तत्काल वार्ता कर मरम्मत की मांग किया. राप्ती गोर्रा नदी के बीच बसे सभी 52 गांव के तटबंधों को भी मजबूत करने की मांग किया जिस पर मुख्य अभियंता सिंचाई ने तत्काल कार्यवाही करने का आश्वासन दिया.
कालीशंकर यदुवंशी ने कहा कि बांध की मरम्मत के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही ओबीसी पार्टी बर्दाश्त नहीं करेगी क्योंकि इससे आम जनता का जीवन खतरे में पढ़ सकता है. लगातार ओबीसी पार्टी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी इस विभीषिका के समय मजबूती से जनता के साथ कंधे से कंधा मिलकर संघर्ष करने का काम कर रहे है प्रदर्शन में प्रमुख रूप से एडवोकेट रंजीत बाघे, आकाश यादव, अभिषेक यादव, जयनाथ, बलिराम साहनी, भागवत निषाद रामकरण शर्मा, गामा साहनी, ध्रुव चंद, दिनेश पासवान, भैरवनाथ, राजेश जायसवाल, मालती देवी, छबिया, सुमित्रा, ज्ञानमती, कलावती आदि उपस्थित थे.
भारतीय
काली शंकर यदुवंशी
राष्ट्रीय अध्यक्ष- ओबीसी पार्टी
M- 8009794999
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- एनडीआरएफ ने एनसीसी कैडेट्स को सिखाए आपदा प्रबंधन के गुर *आपातकाल में बचाव और राहत का दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण।* संवाददाता – एस.पी. सिंह सहजनवा, (गोरखपुर)। 44वीं यूपी बटालियन एनसीसी द्वारा भोलाराम मस्करा इंटर कॉलेज, सहजनवा में आयोजित संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर-157 के नौवें दिन कैडेट्स को आपदा प्रबंधन एवं राहत कार्यों का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। 11वीं एनडीआरएफ की विशेषज्ञ टीम ने एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से कैडेट्स को प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के दौरान स्वयं तथा अन्य लोगों की सुरक्षित ढंग से सहायता एवं बचाव करने के प्रभावी तरीके सिखाए। कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल रमन तिवारी के अनुरोध पर, एनडीआरएफ के उपमहानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में निरीक्षक दीपक कुमार मंडल एवं उनकी टीम ने प्रशिक्षण का संचालन किया। विशेषज्ञों ने कैडेट्स को बताया कि किसी भी आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय धैर्य, सूझबूझ और सही तकनीक के साथ कार्य करना सबसे महत्वपूर्ण होता है। प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स को प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड), ट्रॉमा मैनेजमेंट, हृदयाघात (हार्ट अटैक) की स्थिति में सीपीआर देने की सही विधि, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बचाव एवं राहत कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से यह भी बताया कि सीमित संसाधनों और घरेलू उपयोग की वस्तुओं से किस प्रकार अस्थायी बचाव उपकरण एवं स्ट्रेचर तैयार कर घायल व्यक्तियों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जा सकता है। एनडीआरएफ की टीम ने कैडेट्स को आपदा के समय त्वरित निर्णय लेने, टीम भावना के साथ कार्य करने तथा विपरीत परिस्थितियों में भी हिम्मत न हारने का संदेश दिया। प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स ने पूरे उत्साह के साथ विभिन्न बचाव तकनीकों का अभ्यास किया और विशेषज्ञों से अपने प्रश्नों के उत्तर भी प्राप्त किए। कार्यक्रम के समापन पर कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल रमन तिवारी ने 11वीं एनडीआरएफ की टीम के उत्कृष्ट प्रशिक्षण एवं सराहनीय योगदान के लिए स्मृति-चिह्न (मोमेंटो) भेंट कर उन्हें सम्मानित किया तथा कैडेट्स के लिए इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी और जीवनोपयोगी बताया।
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