

फोटो कैप्शन : सुरेश, रामभवन, जयराम।
संवाददाता अरविंद कुमार:
नौतनवा / महराजगंज : नौतनवा विकास खंड के कैथवलिया उर्फ बरगदही गांव में अविवाहित व विधुर लोगों को पेंशन के नाम पर गुमराह कर बंध्याकरण करा दिया गया। गौर करने वाली बात यह है कि जिन अविवाहितों का बंध्याकरण हुआ है वह मानसिक रूप से ठीक नहीं हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए गए इस कारनामे से बंध्याकरण का शिकार हुए लोगों के स्वजनों में आक्रोश है। मामले की जानकारी होने पर स्वास्थ्य महकमे ने जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं रविवार की शाम ग्रामीण खनुआ पुलिस चौकी पर पहुंचे और गांव के आशा कार्यकर्ता व स्वास्थ्य कर्मियों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
राम भवन का बताना है कि उनकी पत्नी का देहांत हो गया है। दो दिन पूर्व गांव की आशा कार्यकर्ता घर पर आए। कहा कि स्वास्थ्य परीक्षण व पेंशन की योजना है। साथ लेकर पहले रतनपुर सीएचसी ले गए फिर फरेंदा क्षेत्र के बनकटी सीएचसी पर उनका आपरेशन किया गया। सुरेश, रामभवन, जयराम के स्वजनों का बताना है कि स्वास्थ्य कर्मी उनके घर पर आए और कहा कि पेंशन की योजना है उनके घर के मानसिक दिव्यांग लोगों को अपने साथ ले गए। जिनका विवाह नहीं हुआ है। जब स्वास्थ्य कर्मी वापस आए तो उनके घर के सदस्यों के गुप्तांगों के पास टांका लगा मिला। जिससे उनको शक हुआ। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों से जब सवाल जवाब किया तो वह स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए। जब वह स्थानीय चिकित्सकों से परामर्श किए, तो उनके घर के दिव्यांग अविवाहित सदस्यों का बंध्याकरण हुआ मिला।
एसीएमओ डा. राकेश कुमार का बताना है कि बरगदही गांव में अविवाहित व विधुर लोगों के बंध्याकरण का मामला संज्ञान में आया है, जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
खनुआ चौकी प्रभारी मनोज कुमार गुप्ता ने बताया कि ग्रामीण स्वास्थ्य विभाग पर मनमाने तरीके से बंध्याकरण का आरोप लगा, स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ शिकायत लेकर आएं है, मामले की जांच की जा रही है।
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- एनडीआरएफ ने एनसीसी कैडेट्स को सिखाए आपदा प्रबंधन के गुर *आपातकाल में बचाव और राहत का दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण।* संवाददाता – एस.पी. सिंह सहजनवा, (गोरखपुर)। 44वीं यूपी बटालियन एनसीसी द्वारा भोलाराम मस्करा इंटर कॉलेज, सहजनवा में आयोजित संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर-157 के नौवें दिन कैडेट्स को आपदा प्रबंधन एवं राहत कार्यों का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। 11वीं एनडीआरएफ की विशेषज्ञ टीम ने एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से कैडेट्स को प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के दौरान स्वयं तथा अन्य लोगों की सुरक्षित ढंग से सहायता एवं बचाव करने के प्रभावी तरीके सिखाए। कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल रमन तिवारी के अनुरोध पर, एनडीआरएफ के उपमहानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में निरीक्षक दीपक कुमार मंडल एवं उनकी टीम ने प्रशिक्षण का संचालन किया। विशेषज्ञों ने कैडेट्स को बताया कि किसी भी आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय धैर्य, सूझबूझ और सही तकनीक के साथ कार्य करना सबसे महत्वपूर्ण होता है। प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स को प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड), ट्रॉमा मैनेजमेंट, हृदयाघात (हार्ट अटैक) की स्थिति में सीपीआर देने की सही विधि, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बचाव एवं राहत कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से यह भी बताया कि सीमित संसाधनों और घरेलू उपयोग की वस्तुओं से किस प्रकार अस्थायी बचाव उपकरण एवं स्ट्रेचर तैयार कर घायल व्यक्तियों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जा सकता है। एनडीआरएफ की टीम ने कैडेट्स को आपदा के समय त्वरित निर्णय लेने, टीम भावना के साथ कार्य करने तथा विपरीत परिस्थितियों में भी हिम्मत न हारने का संदेश दिया। प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स ने पूरे उत्साह के साथ विभिन्न बचाव तकनीकों का अभ्यास किया और विशेषज्ञों से अपने प्रश्नों के उत्तर भी प्राप्त किए। कार्यक्रम के समापन पर कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल रमन तिवारी ने 11वीं एनडीआरएफ की टीम के उत्कृष्ट प्रशिक्षण एवं सराहनीय योगदान के लिए स्मृति-चिह्न (मोमेंटो) भेंट कर उन्हें सम्मानित किया तथा कैडेट्स के लिए इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी और जीवनोपयोगी बताया।
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