दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर के रक्षा एवम स्त्राताजिक अधययन विभाग के तत्वाधान में आज दिनांक 26 जुलाई 2024 को कारगिल विजय दिवस मनाया गया।
आज इस अवसर पर विश्वविद्यालय की माननिया कुलपति प्रो. पूनम टंडन महोदया ने कारगिल युद्ध के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और इस कार्यक्रम की अक्ष्यक्षता की , उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि हमारे बहादुर सैनिकों की ही देन है कि हम सभी यहां सुरक्षित बैठे है हमे अपने देश के सैनिकों के शौर्य, बहादुरी एवं अपना सर्वस्य देश पर न्योछावर करने की भावना और उनके बलिदान पर गर्व है, कारगिल युद्ध में शहीद हुए सभी वीरों को श्रद्धांजलि एवं सभी देशवासियों को विजय दिवस की शुभकामनाएं। उन्होंने कहा कि कारगिल विजय दिवस को भी राष्ट्रीय पर्व के रूप मनाया जाना चाहिए। उन्होंने अपने संबोधन में रक्षा एवं स्त्रातजिक अध्ययन विभाग की भी तारीफ की और कहा कि यह विभाग विश्विद्यालय के सर्वश्रेष्ठ विभागों में से एक है।
संबोधन के अगले क्रम में आज के विशिष्ट अतिथि प्रो प्रदीप कुमार यादव( सेवानिवृत) ने कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम का वर्णन किया और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर आज के मुख्य अतिथि पूर्व प्रतिकुलपति दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर ,विश्वविद्याल गोरखपुर प्रो. हरी सरन ने भी कारगिल युद्ध में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की और अपने संबोधन में कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सफेद सागर , ऑपरेशन विजय और भारतीय नौसेना द्वारा चलाए गए ऑपरेशन तलवार की विस्तृत व्याख्या की और सभी देश वासियों को विजय दिवस की शुभकामनाएं दीं।
इस दौरान अतिथियों का स्वागत उद्बोधन विभागाध्यक्ष प्रो. विनोद कुमार सिंह जी ने किया और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की, कार्यक्रम का संचालन डॉ आरती यादव जी ने किया और धन्यवाद ज्ञापन विभाग के वरिष्ठ आचार्य प्रो. श्रीनिवास मणि त्रिपाठी जी ने किया। इस अवसर पर विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. हर्ष कुमार सिन्हा, सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. रजनीकांत पांडेय, गणित विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. विजय शंकर वर्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के अध्यक्ष प्रो मनीष मिश्र, इतिहास विभाग के अध्यक्ष प्रो मनोज कुमार तिवारी, प्रो. विनय कुमार सिंह, डॉ. उपेंद्र त्रिपाठी,डा. कुसुम रावत डॉ विजय कुमार, डॉ अभिषेक सिंह, डॉ विनोद कुमार यादव, विभाग के शोध छात्र एवं परास्नातक तथा स्नातक के छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।

