अक्षया फाउंडेशन के तत्वाधान में आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण का हुआ आयोजन
कृष्णदेव सिंह निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान उरूवा बजार, गोरखपुर में अक्षया फाउंडेशन के तत्वावधान में आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण हेतु सप्तदिवसीय जागरूकता कार्यक्रम में मुख्या वक्ता नीरज कुमार पाण्डेय, निदेशक, अक्षया फाउंडेशन ने आपदा प्रबंधन पर बोलते हुए कहा की आपदा प्रबंधन में कुछ प्राकृतिक आपदाओं की भविष्यवाणी करना और किसी भी मानव निर्मित संभावना के लिए सतर्क रहना शामिल है। प्रबंधन इकाई अभाव और कमी के समय में आवश्यक वस्तुओं का भंडारण करती है। इसमें आम लोगों को उन परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षण देना भी शामिल है जब मदद पहुंचने में समय लगता है। भारत में सीआरपीएफ लोगों को आपदा प्रबंधन के बारे में शिक्षित करने के लिए समय-समय पर ऐसे अभियान आयोजित करता है।
आपदा प्रबंधन की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक है मानवीय, प्राकृतिक, आर्थिक और शारीरिक नुकसान को इस हद तक कम करना कि घटना से उभरना और जीवन की गति को वापस पहले जैसी करना काफी हद तक संभव हो सके। लेकिन, ऐसी आपदाओं को रोकना सिर्फ़ सरकार की ज़िम्मेदारी नहीं है, बल्कि हमारी भी ज़िम्मेदारी है कि हम ऐसी किसी भी गतिविधि के खिलाफ़ कदम उठाएँ जिससे मानव प्रजाति को संभावित खतरा हो सकता है।
बाढ़ का उदाहरण देते हुए नीरज पाण्डेय ने कहा की बाढ़ को पूरी तरह से रोका नहीं जा सकता, क्योंकि इसका मतलब होगा बारिश और तूफान को रोकना। हालांकि, बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जा सकता है। ऐसे मानव निर्मित सुरक्षा उपायों में तटबंध, तटबंध और बांध शामिल हैं।
कार्यक्रम का संचालन बृजेश कुमार ने ,आभार ज्ञापन प्रशांत कुमार,प्रबंधक, कृष्णदेव सिंह निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान ने किया। इस अवसर पर संजय गुप्ता, अमरनाथ गुप्ता, कृष्णमोहन सिंह, विवेकानंद मौर्या, अश्वनी सिंह,अनादि सिंह अरुण कुमार सिंह सहित संस्था के विद्यार्थी मौजूद रहें।
ये बांते आलोक कुमार मल्ल प्रभारी सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी ने बताई।

