चोरी के सामान के साथ तीन चोर गिरफ्तार
-48 घंटे मे पुलिस ने किया पर्दाफास
गोला। बड़हलगंज कोतवाली पुलिस ने 48 घंटे मे चोरी का पर्दाफाश कर तीन चोरो को माल सहित गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
क्षेत्र के पिड़हनी चौराहे पर बीते 31 जुलाई की रात मनोज वर्मा की उत्तम ज्वेलर्स की दुकान से चोर नगदी सहित सोने-चांदी के जेवरात चुरा लिए थे। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने धारा 331(4), 305 BNS के तहत अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
कोतवाली प्रभारी चंद्रभान सिंह ने बताया कि शनिवार को पुलिस टीम पिड़हनी मार्ग पर भट्ठे से पहले मोड़ के पुलिया के पास तीन चोरों को माल के साथ गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गये चोरों की पहचान इब्राहिम अंसारी पुत्र सिराजुद्दीन अंसारी निवासी रामपुर अवस्थी थाना तरकुलवा जनपद देवरिया, आशिक अंसारी पुत्र मुशाहिब अंसारी, शाहिल अंसारी पुत्र शगीर अंसारी निवासी बरियारपुर वार्ड नं0 13 थाना बरियारपुर देवरिया के रूप में हुई। उनके पास से एक जोड़ी पायल पेचदार बच्चीदार, एक जोड़ी बिछुवा, एक पायल पतला मोती लगा व एक पायल पतला धागे में गुथा मोतीदार सफेद धातु, एक जोड़ी टप्स पीली धातु, एक डीवीआर, एक वेट मशीन, एक मोटरसाइकिल, 3 अदद मोबाइल व 4370 रूपया नगद बरामद हुआ है। गिरफ्तार करने में उ. नि. अखिलेश प्रजापति, रविकांत निगम, तनवीर खान आदि मौजूद रहे।
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- एनडीआरएफ ने एनसीसी कैडेट्स को सिखाए आपदा प्रबंधन के गुर *आपातकाल में बचाव और राहत का दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण।* संवाददाता – एस.पी. सिंह सहजनवा, (गोरखपुर)। 44वीं यूपी बटालियन एनसीसी द्वारा भोलाराम मस्करा इंटर कॉलेज, सहजनवा में आयोजित संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर-157 के नौवें दिन कैडेट्स को आपदा प्रबंधन एवं राहत कार्यों का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। 11वीं एनडीआरएफ की विशेषज्ञ टीम ने एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से कैडेट्स को प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के दौरान स्वयं तथा अन्य लोगों की सुरक्षित ढंग से सहायता एवं बचाव करने के प्रभावी तरीके सिखाए। कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल रमन तिवारी के अनुरोध पर, एनडीआरएफ के उपमहानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में निरीक्षक दीपक कुमार मंडल एवं उनकी टीम ने प्रशिक्षण का संचालन किया। विशेषज्ञों ने कैडेट्स को बताया कि किसी भी आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय धैर्य, सूझबूझ और सही तकनीक के साथ कार्य करना सबसे महत्वपूर्ण होता है। प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स को प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड), ट्रॉमा मैनेजमेंट, हृदयाघात (हार्ट अटैक) की स्थिति में सीपीआर देने की सही विधि, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बचाव एवं राहत कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से यह भी बताया कि सीमित संसाधनों और घरेलू उपयोग की वस्तुओं से किस प्रकार अस्थायी बचाव उपकरण एवं स्ट्रेचर तैयार कर घायल व्यक्तियों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जा सकता है। एनडीआरएफ की टीम ने कैडेट्स को आपदा के समय त्वरित निर्णय लेने, टीम भावना के साथ कार्य करने तथा विपरीत परिस्थितियों में भी हिम्मत न हारने का संदेश दिया। प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स ने पूरे उत्साह के साथ विभिन्न बचाव तकनीकों का अभ्यास किया और विशेषज्ञों से अपने प्रश्नों के उत्तर भी प्राप्त किए। कार्यक्रम के समापन पर कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल रमन तिवारी ने 11वीं एनडीआरएफ की टीम के उत्कृष्ट प्रशिक्षण एवं सराहनीय योगदान के लिए स्मृति-चिह्न (मोमेंटो) भेंट कर उन्हें सम्मानित किया तथा कैडेट्स के लिए इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी और जीवनोपयोगी बताया।
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