अयोध्या रेप कांड फिलहाल चर्चाओं में बना हुआ है. इसपर खूब सियासत भी की जा रही है. आरोपी सपा नेता निकले हैं तो भाजपा भी सपा पर खूब हमलावर है. इसी बीच अयोध्या रेप कांड के पीड़ित परिवार से मिलने गया भाजपा का प्रतिनिधि मंडल उस समय काफी असहज हो गया, जब प्रेस वार्ता के दौरान वहां एक अन्य रेप पीड़िता पहुंच गई और उसने अपने ही ससुर और पति पर रेप का आरोप लगा दिया. पीड़िता ने रो-रोकर अपनी आपबीती सुनाई और भाजपा नेताओं से इंसाफ मांगा. पीड़ित का कहना था कि पुलिस उसकी नहीं सुन रही है और वह लगातार अधिकारियों के ऑफिसों के चक्कर लगा रही है.
अचानक प्रेस वार्ता में भाजपा नेताओं के सामने पहुंची पीड़िता रो-रोकर अपनी आपबीती भाजपा नेताओं को सुनाने लगी. उसने कहा कि जिस युवक ने उसके साथ रेप किया, उसके साथ उसकी शादी करवा दी गई और फिर ससुर ने भी उसके साथ रेप किया. पीड़िता की आपबीती सुन वहां मौजूद हर कोई सकते में आ गया.
अचानक पहुंची पीड़िता ने क्या बताया?
पीड़िता अयोध्या जिले की ही रहने वाली है. वह पिछड़ी जाति से संबंध रखती है. उसका आरोप था कि दलित समाज से आने वाले युवक ने उसका रेप किया. मामले में केस भी दर्ज किया गया. मगर फिर आरोपी पक्ष ने दवाब बनाकर उसकी आरोपी युवक के साथ शादी करवा दी. शादी के बाद वह पति के साथ दिल्ली रहने आ गई.
दिल्ली में पति का परिवार भी रहता था. वह पहले दिन से ही उसके साथ मारपीट शुरू हो गई. ससुर और देवर भी उसके साथ गलत व्यवहार करते थे. फिर ससुर ने ही उसके साथ रेप की घटना को अंजाम दे डाला. जब उसने अपने पति को ये बात बताई तो उसने भी अपने ही पिता का पक्ष लिया और उसे अपने घर से भगा दिया.
पीड़िता ने भाजपा नेताओं से कहा कि वह लगातार इंसाफ के लिए पुलिस अधिकारियों के पास चक्कर लगा रही है. मगर उसकी सुनवाई कही नहीं हो रही है. पीड़िता की आपबीती सुनने के बाद भाजपा प्रतिनिधि मंडल ने पीड़िता को हर संभव मदद का भरोसा दिया और कार्रवाई की बात कही.
Trending
- आज का राशिफल 28.06.2026
- एनसीसी के पूर्व कैडेट्स का ऐतिहासिक संगम
- एनडीआरएफ ने एनसीसी कैडेट्स को सिखाए आपदा प्रबंधन के गुर *आपातकाल में बचाव और राहत का दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण।* संवाददाता – एस.पी. सिंह सहजनवा, (गोरखपुर)। 44वीं यूपी बटालियन एनसीसी द्वारा भोलाराम मस्करा इंटर कॉलेज, सहजनवा में आयोजित संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर-157 के नौवें दिन कैडेट्स को आपदा प्रबंधन एवं राहत कार्यों का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। 11वीं एनडीआरएफ की विशेषज्ञ टीम ने एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से कैडेट्स को प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के दौरान स्वयं तथा अन्य लोगों की सुरक्षित ढंग से सहायता एवं बचाव करने के प्रभावी तरीके सिखाए। कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल रमन तिवारी के अनुरोध पर, एनडीआरएफ के उपमहानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में निरीक्षक दीपक कुमार मंडल एवं उनकी टीम ने प्रशिक्षण का संचालन किया। विशेषज्ञों ने कैडेट्स को बताया कि किसी भी आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय धैर्य, सूझबूझ और सही तकनीक के साथ कार्य करना सबसे महत्वपूर्ण होता है। प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स को प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड), ट्रॉमा मैनेजमेंट, हृदयाघात (हार्ट अटैक) की स्थिति में सीपीआर देने की सही विधि, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बचाव एवं राहत कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से यह भी बताया कि सीमित संसाधनों और घरेलू उपयोग की वस्तुओं से किस प्रकार अस्थायी बचाव उपकरण एवं स्ट्रेचर तैयार कर घायल व्यक्तियों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जा सकता है। एनडीआरएफ की टीम ने कैडेट्स को आपदा के समय त्वरित निर्णय लेने, टीम भावना के साथ कार्य करने तथा विपरीत परिस्थितियों में भी हिम्मत न हारने का संदेश दिया। प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स ने पूरे उत्साह के साथ विभिन्न बचाव तकनीकों का अभ्यास किया और विशेषज्ञों से अपने प्रश्नों के उत्तर भी प्राप्त किए। कार्यक्रम के समापन पर कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल रमन तिवारी ने 11वीं एनडीआरएफ की टीम के उत्कृष्ट प्रशिक्षण एवं सराहनीय योगदान के लिए स्मृति-चिह्न (मोमेंटो) भेंट कर उन्हें सम्मानित किया तथा कैडेट्स के लिए इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी और जीवनोपयोगी बताया।
- रावण ने माता सीता का हरण किया था, राम मंदिर के दानपात्र में श्रद्धा की चोरी हुई” – धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का बड़ा बयान
- गुड़-रोटी खिलाकर सीएम योगी ने की गोसेवा, गोवंश को दुलारकर दिया संरक्षण का संदेश
- जरूरतमंदों के इलाज और आवास की व्यवस्था कराएगी सरकार : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- आज का राशिफल 27.06.2026
- जब रवि किशन फ्री में फिल्म दिखाएंगे, तब अस्पताल में होगा मुफ्त इलाज” – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

