नशा मुक्त भारत अभियान” के अंतर्गत 78वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के दूसरे दिन कार्यशाला का आयोजन
बासुदेव तिवारी सेवा संस्थान द्वारा संचालित ‘पुनर्जन्म ‘ नशा मुक्ति केंद्र ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे “नशामुक्त भारत अभियान” के अन्तर्गत 78 वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विभिन्न समारोह का आयोजन किया जाना है। समारोह के दूसरे दिन 11 अगस्त 2024 को “विकसित भारत का मंत्र, भारत हो नशे से स्वतंत्र” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नेताजी सुभाष चंद्र बोस अस्पताल, गोरखपुर के जिला कार्यक्रम प्रबंधक धर्मवीर सिंह जी थे। आपने अपने संबोधन में युवाओं को किसी भी प्रकार के नशे से बचने के लिए आह्वान किया एवं नशे से होने वाले बीमारियों के प्रति भी लोगों को जागरूक किया। आपने कहा कि सतर्क रहकर नशे की विभीषिका से बचा जा सकता है। आपने युवाओं से आवाह्न करते हुए बताया कि अपना चरित्र ऐसा बनाइए कि नशा हेतु आपको कोई आपको बहका न सके। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. उमाशंकर तिवारी ने उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि नशा हमें शारीरिक रूप से तो खत्म करती ही है साथ ही देश को भी खोखला करती है। युवा किसी भी देश की तस्वीर बदलने की ताकत रखते है लेकिन जिस प्रकार से नशा हमारे समाज में फैल रहा है वो बहुत ही खतरनाक स्थिति की ओर संकेत कर रहा है। जरूरत है हमें समाज से इस बुराई को पूरी तरह से खत्म करने की तभी हमारा भारत देश विकसित देश बन पाएगा और सही अर्थ में हमारा देश तभी स्वतंत्र होगा। कार्यक्रम का संचालन केंद्र के परामर्शदाता संतोष राय ने किया एवं अतिथियों का स्वागत अकबर अली ने किया। आउट रीच एंड ड्रॉप-इन सेंटर के इंचार्ज संजय कुमार ने सभी के प्रति आभार ज्ञापन किया।
कार्यक्रम में नर्स जितेन्द्र एवं राम प्रकाश दुबे इत्यादि उपस्थित रहे।
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- एनडीआरएफ ने एनसीसी कैडेट्स को सिखाए आपदा प्रबंधन के गुर *आपातकाल में बचाव और राहत का दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण।* संवाददाता – एस.पी. सिंह सहजनवा, (गोरखपुर)। 44वीं यूपी बटालियन एनसीसी द्वारा भोलाराम मस्करा इंटर कॉलेज, सहजनवा में आयोजित संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर-157 के नौवें दिन कैडेट्स को आपदा प्रबंधन एवं राहत कार्यों का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। 11वीं एनडीआरएफ की विशेषज्ञ टीम ने एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से कैडेट्स को प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के दौरान स्वयं तथा अन्य लोगों की सुरक्षित ढंग से सहायता एवं बचाव करने के प्रभावी तरीके सिखाए। कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल रमन तिवारी के अनुरोध पर, एनडीआरएफ के उपमहानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में निरीक्षक दीपक कुमार मंडल एवं उनकी टीम ने प्रशिक्षण का संचालन किया। विशेषज्ञों ने कैडेट्स को बताया कि किसी भी आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय धैर्य, सूझबूझ और सही तकनीक के साथ कार्य करना सबसे महत्वपूर्ण होता है। प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स को प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड), ट्रॉमा मैनेजमेंट, हृदयाघात (हार्ट अटैक) की स्थिति में सीपीआर देने की सही विधि, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बचाव एवं राहत कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से यह भी बताया कि सीमित संसाधनों और घरेलू उपयोग की वस्तुओं से किस प्रकार अस्थायी बचाव उपकरण एवं स्ट्रेचर तैयार कर घायल व्यक्तियों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जा सकता है। एनडीआरएफ की टीम ने कैडेट्स को आपदा के समय त्वरित निर्णय लेने, टीम भावना के साथ कार्य करने तथा विपरीत परिस्थितियों में भी हिम्मत न हारने का संदेश दिया। प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स ने पूरे उत्साह के साथ विभिन्न बचाव तकनीकों का अभ्यास किया और विशेषज्ञों से अपने प्रश्नों के उत्तर भी प्राप्त किए। कार्यक्रम के समापन पर कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल रमन तिवारी ने 11वीं एनडीआरएफ की टीम के उत्कृष्ट प्रशिक्षण एवं सराहनीय योगदान के लिए स्मृति-चिह्न (मोमेंटो) भेंट कर उन्हें सम्मानित किया तथा कैडेट्स के लिए इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी और जीवनोपयोगी बताया।
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