दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय
हर्षोल्लास से मनाया गया 78 वा स्वतंत्रता पर्व, कुलपति ने किया ध्वजारोहण
आजादी कुछ और नहीं बल्कि बेहतर बनने का एक मौका है: कुलपति स्वतंत्रता दिवस पर कुलपति ने किया पौधरोपण
दिनांक: 15-08-2024
गोरखपुर: दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में 78 वा स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया।
स्वतंत्रता दिवस समारोह की शुरूआत सुबह 7.30 बजे हुई। कुलपति प्रो पूनम टंडन ने कुलपति कैंप कार्यालय पर ध्वजारोहण किया तथा सुरक्षाकर्मियों ने कुलपति को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया।
इस अवसर पर अधिष्ठातागण, अधिकारीगण व कर्मचारी उपस्थित रहे।
मुख्य मुख्य कार्यक्रम प्रशासनिक भवन परिसर में
मुख्य कार्यक्रम प्रशासनिक भवन परिसर में आयोजित किया गया। शुरुआत कुलपति प्रो पूनम टंडन ने दीनदयाल उपाध्याय जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर किया। कुलपति प्रो पूनम टंडन ने आज प्रशासनिक भवन परिसर में ध्वजारोहण किया तथा अपने संबोधन में सभी को स्वतंत्रता दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
कुलपति ने कहा आज़ादी दुनिया का अकेला शब्द है जो हर किसी के मन में उल्लास और उमंग की संजीवनी भर देता है। ये मौका उन महान राष्ट्र नायकों के प्रति श्रद्धा अर्पित करने का भी है जिन्होंने आजादी के बाद इस देश को दुनिया के सबसे तेज़ी से विकास करने वाले देश में बदलने का सपना देखा था.
*अंतिम व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान लाने, शिक्षित और समर्थ बनाने की हम सब की
निस्संदेह हमने उस सपने को हकीकत में बदला है। हमने प्रगति का लंबा रास्ता तय किया है फिर भी कुछ सपने अधूरे हैं, कुछ लक्ष्य अधूरे हैं. समाज के अंतिम व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान लाने और उसे शिक्षित और समर्थ बनाने का संकल्प अभी पूरा नहीं हुआ है। श्रेष्ठ भारत और विकसित भारत बनाने का सपना अभी पूरा नहीं हुआ है। यह काम केवल सरकारों का नहीं है। यह दायित्व समाज का भी है, संस्थाओं का भी है, हम सबका है। हम सब पर इस देश की आजादी को बरकरार रखने की जिम्मेदारी है। हम सब को भारत निर्माण में अपना अंशदान करना है। अपने अपने हिस्से के भारत को सर्वश्रेष्ठ बनाना। अपनी अपनी संस्थाओं को सर्वश्रेष्ठ बनाना। अपने कर्तव्यों को सर्वश्रेष्ठ ढंग से पूरा करना। इसी तरह अपने विश्वविद्यालय को भी एक ऐसे श्रेष्ठ संस्थान में बदल देना जहां विद्यार्थियों को अच्छी शिक्षा हासिल हो, शोध और नवाचार का उच्चतम वातावरण हो। जहां हम देश के लिए अच्छे वैज्ञानिक, अच्छे राजनेता, अच्छे खिलाड़ी, अच्छे सृजनकर्मी, अच्छे प्रशासक तैयार कर सकें।
प्रतिष्ठित रैंकिंग में स्थान, दुनिया के शीर्ष संस्थानों ने हमारे साथ एमओयू
लगभग एक वर्ष पहले जब मैने इस परिसर में कार्य करना शुरू किया तब शिक्षकों से लेकर विद्यार्थियों तक में निराशा और उत्साहहीनता का भाव था। अनेक उलझनें और बाधाएं थीं। शोधार्थी शोध नहीं कर पा रहे थे। विद्यार्थी अपने परिणामों के लिए परेशान थे। शिक्षक अपने प्रोजेक्ट्स और प्रमोशन को लेकर तनाव में थे।
मुझे पूरा विश्वास था कि यदि हम बंधनों की जकड़न तोड़ सकें तो हमारे शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी अपनी क्षमता का सही योगदान कर पाएंगे। हमने इसके लिए अनेक स्तरों पर प्रयास किए। अनथक कोशिशें की और उसका परिणाम यह है कि परिसर में एक अच्छा वातावरण है। विश्वविद्यालय का हर अंग अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान कर रहा है।
इस बदलाव के सुखद परिणाम लगातार मिल रहे हैं। यूजीसी ने हमें कैटेगरी वन यूनिवर्सिटी का दर्जा दिया है। Edu ranking , unirank world university ranking, QS world ranking, study abroad aide world ranking और webmetrix ranking में हमने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी पहचान स्थापित की। अत्यंत प्रतिष्ठित Nature index ranking में हम देश में 84 वें और राज्य विश्वविद्यालयों में पहले स्थान पर हैं।
आज देश और दुनिया के शीर्ष संस्थानों ने हमारे साथ MoU करने की पहल की है। केवल पिछले 6 माह में हमने 14 राष्ट्रीय, अंतराष्ट्रीय और क्षेत्रीय संस्थानों के साथ MoU किए हैं । इन सबसे हमारे शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए अवसर के नए रास्ते खुले हैं ।
हमें गर्व है कि विश्वविद्यालय को पीएम उषा योजना के अंतर्गत 100 करोड़ के अनुदान हेतु चयनित किया गया है जिसमें हम अनेक नए निर्माणों, उन्नत प्रयोगशालाओं वाले multi disciplinary research centre के रूप में खुद को प्रतिष्ठित कर पाएंगे।
*विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण एवं सुविधाएं*
विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण मिल सके इसके लिए हैप्पीनेस लैब, स्नेह केंद्र, gender sensitisation cell, anti discremation cell , career guidance cell जैसे नए केंद्र शुरू किए गए है।
इसके अलावा प्रवेश पोर्टल, नियुक्ति पोर्टल, रिसर्च मैनेजमेंट पोर्टल, सुधार पोर्टल और सर्व पोर्टल के माध्यम से हमने विद्यार्थियों और अन्य हितधारकों के लिए प्रभावशाली ऑनलाइन मदद मुहैया कराई है। ऐसे समय में जबकि अधिकांश विश्वविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया आरम्भ हो रही है, हमने रिकॉर्ड समय में ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया के माध्यम से 95% प्रवेश कार्य पूरा भी कर लिया है और कक्षाएं भी आरम्भ हो चुकी हैं।
प्रसिद्ध फ्रेंच फिलॉसफर और लेखक अलबेयर कामू ने एक बहुत अच्छी बात कही है :
Freedom is nothing but a chance to be better.
अर्थात आजादी कुछ और नहीं बल्कि बेहतर बनने का एक मौका है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि स्वतंत्रता दिवस के इस मौके को खुद को बेहतर बनाने के एक अवसर के रूप में देखेंगे ताकि अपने साथ साथ अपने विश्वविद्यालय को भी बेहतर बना सकें।
*स्वतंत्रता दिवस पर क्रीड़ा परिषद द्वारा पौधरोपण कार्यक्रम* आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में कुलपति प्रो पूनम टंडन ने पौधा लगाया।
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