भारत में नमक और चीनी के कई ब्रांड्स में माइक्रोप्लास्टिक्स पाए गए हैं. पर्यावरण अनुसंधान संगठन ‘टॉक्सिक्स लिंक’ की स्टडी में यह जानकारी सामने आई है. स्टडी में नमक के दस और चीनी के पांच नमूनों की टेस्टिंग की गई थी. इनमें मुख्य ब्रांडों के अलावा ऑर्गेनिक बताकर बेचे जाने वाले नमक-चीनी भी शामिल थे. जांच में इन सभी नमूनों में माइक्रोप्लास्टिक्स होने की पुष्टि हुई. आयोडीन युक्त नमक के एक नमूने में सबसे ज्यादा माइक्रोप्लास्टिक्स पाए गए.
प्लास्टिक के बहुत छोटे कणों को माइक्रोप्लास्टिक कहा जाता है. इनका आकार एक से पांच हजार माइक्रोमीटर के बीच में होता है. अब माइक्रोप्लास्टिक फल, सब्जियों और कई अन्य खाद्य पदार्थों में भी मिलने लगे हैं. इन्हें खाने पर वे शरीर के अंदर पहुंच जाते हैं. इसके अलावा सांस लेने के दौरान भी माइक्रोप्लास्टिक शरीर में प्रवेश कर सकते हैं.
स्टडी के मुताबिक, मानव शरीर के विभिन्न अंगों जैसे- सिर के बाल, लार, फेफड़े, लिवर, किडनी और खून के नमूनों में माइक्रोप्लास्टिक मिल चुके हैं. यह चिंताजनक है क्योंकि ये शरीर में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को जन्म दे सकते हैं.
