स्पेशल राखी ‘रुद्राक्ष’, ITM GIDA की चार छात्राओं का रक्षाबंधन पर भाइयों को अनोखा तोहफा
गोरखपुरः यूपी के गोरखपुर के इंजीनियरिंग कालेज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट से बीसीए कर रही चार छात्राओं ने रक्षबंधन के पूर्व भाईयों को अनोखा तोहफा दिया है. इन बहनों ने भाइयों की रक्षा के लिए एक स्पेशल राखी बनाई है. ये राखी दुर्घटना, संकट और आपात स्थिति में भाइयों की रक्षा करेगी. इस राखी को बहनों ने ‘रुद्राक्ष’ नाम दिया है. भाइयों की कलाई पर बांधते ही ये राखी एक्टिव हो जाएगी और बगैर मोबाइल की सहायता के सेटेलाइट के माध्यम से बटन दबाते ही मुसीबत के समय परिचितों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों को मोबाइल पर संदेश भी भेज देगी.
यूपी के गोरखपुर के इंजीनियरिंग कालेज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट गीडा से बीसीए द्वितीय वर्ष की छात्रा श्रेया मिश्रा, अंकिता राय, किरन यादव और अंशिका तिवारी ने भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन के अवसर पर एक ऐसी राखी बनाई हैं, जो भाईयों के कलाई पर बांधते ही एक्टिव हो जाएगी और मुसीबत में उनकी सहायता भी करेगी. ये राखी बगैर मोबाइल के परिचित, शुभचिंतकों और रिश्तेदारों के मोबाइल पर सेटेलाइट के माध्यम से संदेश भेज देगी. एक बार चार्ज करने के बाद इसे छह माह तक चार्ज नहीं करना होगा.
छात्रा अंकिता राय ने बताया कि इस राखी में एक सैटेलाइट रेडियो सिग्नल चिप लगाया हैं, जिसके माध्यम सें मुसीबत में बगैर मोबाइल फोन के इमरजेंसी नम्बरों पर संपर्क कर कॉल लोकेशन भेजा जा सकता हैं. श्रेया मिश्रा ने बताया कि प्रतिवर्ष सड़क दुर्घटनाओं में हजारों जाने चली जाती हैं. इनमें से अधिकतर घायलों की मौतें समय सें हॉस्पिटल न पहुंचने की वजह से हो जाती हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए उन लोगों ने इस राखी को बनाया हैं, जिसे ‘रुद्राक्ष’ नाम दिया है. जो भाई के कलाई की शोभा बढ़ाने के साथ सड़क दुर्घटना में मदद करेगा.
किरन यादव ने बताया कि इस रुद्राक्ष राखी में उन लोगों ने दो मोबाइल नंबर सेट कर सकतें हैं. इसमें उन लोगों ने दो सेंसर लगाए हैं, जो दुर्घटना के वक्त या किसी इमरजेंसी परिस्थिति में इसमें लगे बटन को प्रेस करते ही इमरजेंसी नंबर पर सूचना भेजा जा सकता हैं. ऐसे में जिन परिचितों और शुभचिंतकों के नंबर को उसमें पहले से फीड किया गया है, वे समय पर पहुंचकर मदद कर सकते हैं. इससे सड़क पर होने वाली दुर्घटना का शिकार होकर समय से अस्पताल नहीं पहुंचने की वजह से जान गंवाने वाले लोगों की जान बचाई जा सकती है.
अंशिका तिवारी ने बताया कि ‘रुद्राक्ष’ राखी की सबसे बड़ी बात ये है कि यह एक बार चार्ज करने पर 5 सें 6 महीने तक चलेगी. इस रुद्राक्ष राखी को बनाने में दो हजार रुपए का खर्च और दो सप्ताह का समय लगा हैं. इस राखी को बनाने में रेडियो सिगनल चिप, कॉइन सेल 3 वोल्ट, ऑटोमेटिक सेंसर स्विच, सिगनल रिसीवर उपकरणों का इस्तेमाल किया गया हैं.
आईटीएम गीडा के एमबीए विभाग के एचओडी डा. मनोज कुमार मिश्रा ने बताया कि संस्थान के इन्नोवेशन सेल में छात्र-छात्राएं लगातार देश व समाज हित में कुछ न कुछ नया करते हैं. इस बार छात्राओं ने रक्षाबंधन पर्व को ध्यान मे रखते हुए भाइयों की रक्षा के लिए एक सेटेलाइट रुद्राक्ष राखी बनाई हैं. जो सड़क दुर्घटना या विषम परिस्थितियों में अपनों तक सूचना पहुंचाने का काम करेगी. छात्राओं के द्वारा किया गया यह प्रयास बहुत ही सराहनीय हैं. इस अवसर पर संस्थान के निदेशक डा. एनके सिंह, अध्यक्ष नीरज मातनहेलिया, सचिव श्याम बिहारी अग्रवाल, कोषाध्यक्ष निकुंज मातनहेलिया, संयुक्त सचिव अनुज अग्रवाल सहित संस्थान के सभी शिक्षकों ने छात्राओं को बधाई देते हुए प्रसन्नता व्यक्त की है.
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