दो दिवसीय- गुणवत्ता अनुसंधान बढ़ाने की दिशा में – अमेरिकन केमिकल सोसाइटी (एसीएस) “फैकल्टी लीडरशिप समिट” का सफलतापूर्वक हुआ समापन.
आज दिनांक 06 सितंबर 2024 को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की माननीय कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन जी के दूरदर्शी नेतृत्व में अनुसंधान और विकास प्रकोष्ठ, अमेरिकन केमिकल सोसाइटी (एसीएस) के सहयोग से जैव प्रौद्योगिकी विभाग में 5 और 6 सितंबर 2024 को हो रहे संकाय नेतृत्व शिखर सम्मेलन का सफलतापूर्वक किया गया समापन।
सम्मेलन के दूसरे दिन अनेक विषयों जैसे-इंपोर्टेंस ऑफ़ साइंटिफिक कम्युनिकेशन पर वक्ता श्री राजेश परिश्वद (ACS), एनाटॉमी ऑफ़ अ मैनुस्क्रिप्ट व बेस्ट प्रैक्टिसेज फॉर रिसर्च इंटीग्रिटी पर वक्ता डॉ अजय झा (ACS), क्राफ्टिंग इफेक्टिव ग्रांट प्रोपोसल्स व मेकिंग इफेक्टिव ओरल प्रेसेंटशन्स पर वक्ता डॉ. कृष्णा राघव चतुर्वेदी (ACS) ने विस्तार पूर्वक जानकारी साझा की एवं उपस्थित प्रतिभागियों, विद्यार्थियों के प्रश्नों का उत्तर दिया।
सम्मेलन के कन्वीनर प्रो. दिनेश यादव (डायरेक्टर रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेल), को-कन्वीनर प्रो. उमेश यादव (डायरेक्टर इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी), ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेट्री प्रो. राजर्षि कुमार गौड़ (विभागाध्यक्ष डिपार्टमेंट ऑफ़ बायोटेक्नोलॉजी), ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेट्री डॉ. रामवंत गुप्ता (डायरेक्टर इंटरनेशनल सेल), दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर यूनिवर्सिटी व अंतर्राष्ट्रीय (नेपाल) से 12 प्रतिभागीयों एवं विश्वविद्यालय के अन्य विभाग के विभागाध्यक्ष, वरिष्ठ प्रोफेसर, शिक्षकों, विद्यार्थियों की गरिमामयी उपस्थिति में कार्यक्रम का समापन किया गया।
“संकाय नेतृत्व शिखर सम्मेलन” एक ऐसा कार्यक्रम है जिसे युवा शोधकर्ताओं (संकाय सदस्यों) को भारत में विचारशील नेता बनने और एक स्थायी एसटीईएम (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने में मदद करने के लिए बनाया गया, सम्मेलन में प्रमुख वक्ताओं और योग्य एसीएस कर्मचारियों के नेतृत्व में विभिन्न सत्रों का संचालन किया गया, जो वैज्ञानिक नेतृत्व के महत्व को समझने, नवाचारों को चलाने के लिए प्रभावी संचार, अनुसंधान में सर्वोत्तम प्रथाओं-पांडुलिपि लेखन, नैतिकता और साहित्यिक चोरी-प्रयोगात्मक अनुसंधान में सुरक्षा प्रथाओं, अनुदान लेखन, अनुसंधान वित्त पोषण, सलाह, सामुदायिक निर्माण और नेटवर्किंग जैसे विभिन्न पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया।
इस शिखर सम्मेलन में वनस्पति विज्ञान, प्राणी विज्ञान, रसायन विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, भौतिकी, गृह विज्ञान, इलेक्ट्रॉनिक्स, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी संस्थान और कृषि और प्राकृतिक विज्ञान संस्थान के संकाय सदस्यों ने भाग लिया। इसके अलावा स्वामी देवानंद पीजी कॉलेज, मटलर देवरिया, मदन मोहन मालवीय पीजी कॉलेज, भाटपार रानी, देवरिया और महात्मा गांधी स्नातकोत्तर कॉलेज, गोरखपुर के शिक्षकों को भी शामिल किया गया। नेपाल के 12 प्रतिभागी लुम्बिनी बौद्ध विश्वविद्यालय, त्रिभुवन विश्वविद्यालय और माधेश कृषि विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिसके साथ विश्वविद्यालय ने इस वर्ष की शुरुआत में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए, द्वारा भी प्रतिभा किया गया।
“संकाय नेतृत्व शिखर सम्मेलन” का उद्देश्य प्रकाशनों की गुणवत्ता बढ़ाने और संकाय सदस्यों को उच्च गुणवत्ता वाली पत्रिकाओं में अपने शोध को प्रकाशित करने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल से लैस करने पर ध्यान केंद्रित करना है, जिससे समग्र उद्धरण बढ़ेंगे।
Trending
- बिहार में बिजली का नया खेल! दिन में सस्ती, शाम को महंगी—क्या जनता पर पड़ेगा नया बोझ?
- बिहार में बिजली का नया खेल! दिन में सस्ती, शाम को महंगी—क्या जनता पर पड़ेगा नया बोझ?
- निर्देशक अविनाश पांडेय ने कंप्लीट किया अपनी 10वीं फिल्म ‘मारवाड़ी बहू’ की शूटिंग
- मनरेगाकर्मियों की बैठक में मनरेगा कार्यो को जल्द से जल्द पुर्ण करने का दिया निर्देश
- आज का राशिफल. 25.03.2026
- एमएमएमयूटी में 144 बेडेड गर्ल्स हॉस्टल का शिलान्यास आज, सीएम योगी देंगे सौगात
- मेरठ में AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली का विवादित बयान
- आज का राशिफल 24.03.2026

