रफी साहब के 100वीं जयंती पर संगीतमय संध्या का हुआ आयोजन,
गोरखपुर। देश के सदाबहार गायक मोहम्मद रफी के 100वीं जयंती के मौके पर सैनमैक्स सिनेमा और अनुदीप क्रिएशंस के संयुक्त तत्वाधान में मंगलवार 24 दिसंबर को राजकीय बौद्ध संग्रहालय के सभागार में मोहम्मद “रफी द वॉयस ऑफ़ ए सेंचुरी” नामक संगीतमय संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बौद्ध संग्रहालय के उप निदेशक यशवंत सिंह राठौर, विशिष्ट अतिथि के रूप में समाजसेवी राजेश चंद्र गुप्त, गीतकार व भजन गायक प्रमोद चोखानी तथा कार्यक्रम का सफल संचालन अनुराग सुमन व दीप्ति अनुराग ने किया ।
मोहम्मद रफी जी को समर्पित इस कार्यक्रम में शहर के कलाकारों ने अपनी सुरीली आवाज में मोहम्मद रफी को याद किया। सर्वप्रथम कार्यक्रम के आयोजन दीप्ति और अनुराग ने मोहम्मद रफी और साथ ही किशोर कुमार के चित्र पर माल्यार्पण किया उसके बाद कार्यक्रम संयोजक संदीप टेकरीवाल ने सभागार में उपस्थित सभी संगीत प्रेमियों का स्वागत किया।
कार्यक्रम की शुरुआत अनुराग सुमन ने मोहम्मद रफी के सुप्रसिद्ध गीत ‘तुम बिन जाऊं कहां…’ को गाकर लोगों को मोहम्मद रफ़ी और किशोर कुमार की जोड़ी की यादें ताजा कर दी । यह वह गीत है जिसे फिल्म प्यार का मौसम में रफी साहब और किशोर कुमार जी ने गया था । इसी क्रम में मोहम्मद रफी साहब का तेरे नाम का दीवाना… इसके बाद दीप्ति अनुराग ने फिल्म हम किसी से काम नहीं का एक लोकप्रिय गीत यह लड़का है अल्लाह कैसा है दीवाना…. गाकर रफी साहब को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की । इसके बाद संस्था के कलाकार आभास ने तुम मुझे यूं भुला न पाओगे… गीत पेश किया उसके बाद आर्नव ने “तारीफ करूं क्या उसकी….” गाकर मोहम्मद रफ़ी और शम्मी कपूर की जोड़ी को याद किया । संदीप टेकरीवाल ने “तू इस तरह से मेरी जिंदगी में शामिल है…. ” अखिलेश सिंह एहसान तेरा होगा मुझ पर…मनीष शुक्ला क्या हुआ तेरा वादा….संदीप सिंह गुलाबी आंखें जो तेरी देखें….. द्वारकाधीश मणि त्रिपाठी ने दिवाना हुआ बादल…को गाकर रफी साहब को याद किया ।
म्यूजिशियन में गिटार पर नमन उपाध्याय, आर्गन पंकज शुक्ला, पैड सुमंत राय, नाल पर सूरज मिश्रा ने संगत किया ।
कार्यक्रम में समाजसेवी मनीष जैन ,रंजीता पाण्डेय , हर्ष तिवारी, संदीप सिंह, रामानन्द आर्या, मनीष दुबे, अग्निवेश मणि त्रिपाठी, विनय चौरसिया, अखिलेश सिंह, बेचन सिंह पटेल, आदर्श जिज्ञासु, गौरव गुप्ता, कुमार विवेक , नवीन श्रीवास्तव, धर्मेंद्र भारती आदि उपस्थित रहे ।
इस अवसर पर अनुराग सुमन ने कहा रफी साहब के सौवें जन्मदिवस को यादगार बनाने के उद्देश्य से संगीतमय संध्या का आयोजन हुआ जिसमें गायक कलाकारों ने रफी साहब के गीतों को गाकर उनको याद किया । अंत में दीप्ति अनुराग ने आए हुए सभी आगंतुकों के प्रति आभार प्रकट किया ।

