दूरदर्शन आज 65वीं वर्षगांठ मना रहा है-
देश में टेलीविजन प्रसारण की शुरुआत 15 सितंबर 1959 को दूरदर्शन से हुई थी। तत्कालीन राष्ट्रपति डॉक्टर राजेन्द्र प्रसाद ने इसके पहले प्रसारण का उद्घाटन किया था।
20 से 28 नवम्बर तक गोवा में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में युवा फिल्म निर्माताओं के लिए ‘सर्वश्रेष्ठ डेब्यू भारतीय फिल्म खंड’ की शुरूआत की जाएगी। इस खंड में अधिकतम 5 फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके लिए प्रविष्टियां 23 सितम्बर 2024 तक भेजी जा सकती हैं।
दूरदर्शन, भारत का राष्ट्रीय सार्वजनिक सेवा प्रसारक, आज अपनी 65वीं वर्षगांठ मना रहा है। 15 सितंबर 1959 को, दूरदर्शन की शुरुआत दिल्ली में एक छोटे से प्रायोगिक प्रसारण के रूप में हुई थी। उस समय, दूरदर्शन केवल शैक्षिक और विकासात्मक कार्यक्रमों का प्रसारण करता था, और इसे भारत में टेलीविजन की शुरुआत के रूप में देखा गया था।
### दूरदर्शन का विकास:
शुरुआत में, दूरदर्शन का प्रसारण केवल दिल्ली तक सीमित था, लेकिन धीरे-धीरे इसका प्रसारण देश के अन्य हिस्सों तक भी फैलने लगा। 1982 में, जब भारत में एशियाई खेलों का आयोजन हुआ, तब पहली बार रंगीन प्रसारण की शुरुआत हुई, जिसने दूरदर्शन को एक नए युग में प्रवेश दिलाया। उस समय दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाले कार्यक्रमों में शैक्षिक, सांस्कृतिक और मनोरंजन से संबंधित शो शामिल थे।
### लोकप्रिय कार्यक्रम:
दूरदर्शन पर कई लोकप्रिय धारावाहिक और कार्यक्रम प्रसारित हुए जिन्होंने भारतीय टेलीविजन इतिहास में अपनी पहचान बनाई, जैसे:
– रामायण और महाभारत, जो धार्मिक और पौराणिक कथाओं पर आधारित थे और जिनका प्रसारण पूरे देश में बहुत प्रसिद्ध हुआ।
– हम लोग, जो भारत का पहला सोप ओपेरा था।
– बुनियाद, जो भारत की आजादी और विभाजन की कहानी पर आधारित था।
– चित्रहार और रंगोली, जो हिंदी फिल्मी गीतों के शो थे।
समाज और संस्कृति में योगदान:
दूरदर्शन ने भारतीय समाज और संस्कृति पर गहरा प्रभाव डाला है। उस दौर में जब निजी चैनल्स नहीं थे, दूरदर्शन ने न केवल लोगों को मनोरंजन दिया, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और राष्ट्रीय एकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी लोगों को जागरूक किया। इसे एक ऐसा मंच माना गया जिसने पूरे देश को जोड़ने का काम किया. आज का दूरदर्शन:
आज दूरदर्शन के पास कई चैनल हैं जो अलग-अलग विषयों पर प्रसारण करते हैं, जैसे डीडी नेशनल, डीडी न्यूज़, डीडी भारती ,डीडी स्पोर्ट्स आदि। इसके अलावा, दूरदर्शन डिजिटल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफार्मों पर भी अपनी उपस्थिति बनाए हुए है, जिससे यह समय के साथ अपने कंटेंट को आधुनिक दर्शकों के हिसाब से ढाल रहा है।
65 वर्षों के सफर में दूरदर्शन ने भारतीय मीडिया और टेलीविजन प्रसारण के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक योगदान दिया है, और आज भी यह एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रसारक बना हुआ है।

