विवि प्रवेश हेतु प्रमाणपत्रों का भौतिक सत्यापन शुरू, बड़ी संख्या में उपस्थित हुए अभ्यर्थी
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के विभिन्न पाठ्यक्रमों में ऑनलाइन काउंसिलिंग के प्रथम चरण में ही 80 प्रतिशत से अधिक सीटों पर प्रवेश पूर्ण हो चुका है। बीए आनर्स को छोड़कर ऑनलाइन काउंसिलिंग से सीट आवंटन हासिल करने वाले अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों की सत्यापन प्रक्रिया भी शुरू हो गई। नवप्रवेशित अभ्यर्थियों के मूल अंकपत्रों और प्रमाण पत्रों के सत्यापन का आज पहला दिन था। सुबह से ही परिसर में अभ्यर्थियों की उपस्थिति के बीच आज विभिन्न विभागों और संकायों में शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से सत्यापन का कार्य हुआ । सत्यापन प्रक्रिया के सरल और सुगम होने के चलते संकायों और विभागों को भी पहले के वर्षों की तुलना में काफी सहूलियत हुई।
उल्लेखनीय है कि इस वर्ष स्नातक स्तर के 15 और परास्नातक स्तर के 22 पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश परीक्षाएं आयोजित की गई थीं। इस वर्ष डेढ़ दर्जन महाविद्यालयों ने भी अपनी पूर्ण या आंशिक सीटों पर प्रवेश के लिए केंद्रीकृत प्रवेश प्रक्रिया में हिस्सा लिया था। केवल बीए आनर्स को छोड़कर सभी पाठ्यक्रमों के लिए काउंसिलिंग और सीट आवंटन की प्रक्रिया ऑनलाइन मोड में संपादित हुई।
अब तक विश्वविद्यालय में स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए 1876 तथा परास्नातक के 2629 अभ्यर्थी प्रवेश शुल्क जमा कर चुके हैं। महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए आवंटित स्नातक के 1285 तथा परास्नातक के 331 अभ्यर्थियों ने सीट कंफर्म करने हेतु निर्धारित शुल्क जमा कर दिया है।
प्रमाणपत्रों के सत्यापन के लिए विश्वविद्यालय ने अभ्यर्थियों को 8 अगस्त तक का समय दिया है। समय से प्रमाणपत्र प्रस्तुत न करने वाले अभ्यर्थियों का आवंटन निरस्त करने के बाद रिक्त सीटों पर दूसरे चरण की काउंसिलिंग प्रक्रिया आरम्भ की जाएगी।
सभी संकायों, विभागों और कालेजों को अभ्यर्थियों के आवेदन पत्र देखने, आवंटन स्थिति देखने और प्रमाणपत्रों के सत्यापन के बाद अपनी ओर से इसकी पुष्टि करने के लिए लॉगइन सुविधा दी गई है। प्रायः सभी विभाग इस सुविधा का लाभ उठाते हुए प्रवेश की ताजा स्थिति अपडेट भी करते रहे।

