विजय कुमार श्रीवास्तव
गोरखपुर ;सरस्वती शिशु मंदिर,(10+2) पक्कीबाग, गोरखपुर के प्रांगण में आयोजित दो दिवसीय ‘अखिल भारतीय विज्ञान मेला 2026’ पाठ्यक्रम निर्माण कार्यशाला का आज भव्य समापन हुआ।

इस कार्यशाला में देशभर के शिक्षाविदों और विशेषज्ञों ने आगामी 27,28,29 नवंबर 2026 को सरस्वती शिशु मंदिर (10+2) पक्कीबाग गोरखपुर में संपन्न होने वाले विज्ञान मेले की रूपरेखा और नवाचारी पाठ्यक्रम पर गहन मंथन किया।

कार्यक्रम के समापन सत्र को संबोधित करते हुए विद्या भारती के अखिल भारतीय संगठन मंत्री, माननीय गोविंद चंद्र महंत जी ने कहा कि विज्ञान मेला केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और स्वदेशी तकनीक के प्रति गौरव जगाने का माध्यम है।

उन्होंने जोर दिया कि हमारा पाठ्यक्रम ऐसा होना चाहिए जो आधुनिक विज्ञान और प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा का संगम हो।

विद्या भारती के अध्यक्ष, डॉ. रविंद्र कान्हेरे जी ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा, 2026 का विज्ञान मेला नई शिक्षा नीति (NEP) के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। हम छात्रों को रटने के बजाय ‘करके सीखने’ (Learning by Doing) के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

कार्यशाला के मुख्य बिंदु:
आगामी विज्ञान मेले के लिए नए प्रयोगों और मॉडलों के मानकों का निर्धारण।
पाठ्यक्रम में एआई (AI) और रोबोटिक्स जैसे आधुनिक विषयों को शामिल करने पर चर्चा।
देशभर के विभिन्न प्रांतों से आए प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव साझा किए।


