तानाशाही रवैए के खिलाफ एकजुट हुए शिक्षक
गोला। प्रदेश के लाखों शिक्षकों की न्यायोचित मांगों को दरकिनार करते हुए वर्तमान संवेदनहीन और तानाशाह सरकार ने जो डिजिटल उपस्थिति और रजिस्टर डिजिटलाइजेशन का तुगलकी फरमान जारी किया है,उसके खिलाफ सभी शिक्षकों ने एक स्वर में असहमति जताई है और आर पार की लड़ाई हेतु बाध्य हुए हैं। जिस तरह अन्य विभागों में एक कैलेंडर वर्ष में 14 सीएल के अतिरिक्त 31 उपार्जित अवकाश,12 द्वितीय शनिवार अवकाश के साथ अर्ध आकस्मिक अवकाश की सुविधा अनुमन्य है, सरकारी वाहन निकटस्थ कार्यस्थल का लाभ प्राप्त करने वाले अधिकारी/कर्मचारियों पर दैनिक उपस्थिति हेतु ऑनलाइन डिजिटल उपस्थिति का प्राविधान लागू नहीं किया गया है तो उपरोक्त सारी सुविधाएं दिए बिना ही शिक्षकों पर डिजिटल उपस्थिति का दबाव बनाया जाना तानाशाही का ही द्योतक है।
उक्त स्वर हैं उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ गोरखपुर ब्लॉक इकाई गगहा के ब्लॉक अध्यक्ष एवं जिला प्रचार मंत्री डाo सुमंत सिंह के, जिन्होंने मंगलवार को सरकार के मनमाने रवैए के खिलाफ गगहा में आयोजित ब्लॉक कार्यसमिति की बैठक में कही। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर यह बैठक की गई जिसमे सरकार की तानाशाही के जवाब में प्रदेश भर के लाखों शिक्षकों द्वारा डिजिटल उपस्थिति का विरोध एवं आर पार की लड़ाई हेतु संगठन के साथ मिलकर आगे की रणनीतियों पर चर्चा एवं रूपरेखा तैयार की गई। बैठक मे डाo सुमंत सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा कि उo प्रo बेसिक शिक्षा परिषद का शिक्षक सबसे दुर्गम स्थानों पर स्थित विद्यालयों में सेवा प्रदान कर रहा है। शिक्षक ऐसे स्थानों पर कार्य कर रहे हैं जहां आवागमन हेतु सड़क नहीं है, यदि कही सड़क उपलब्ध है तो कोई भी सार्वजनिक वाहन की सुविधा उपलब्ध नहीं है,शिक्षक अपने निजी वाहन तथा पैदल यात्रा करके इन दुर्गम मार्गों में नदी, जलभराव,पगडंडी से होते हुए अपनी सेवा प्रदान कर रहे हैं। शिक्षक प्रतिदिन 50 से 60 किलोमीटर तक यात्रा करके विद्यालय पहुंचते हैं। इससे कभी न कभी विद्यालय में विलम्ब से पहुंचने की समस्या बनी रहती है। वर्तमान में भी शिक्षकों की समय से विद्यालय पहुंचने की प्रतिबद्धता के कारण जल्दबाजी में प्रत्येक माह कोई न कोई शिक्षक दुर्घटना के कारण काल के गाल में समा जाते हैं। इस प्रकार शिक्षक के साथ मानवीय दृष्टिकोण न रखकर शिक्षकों को रोबोट की भांति मानकर नियम लागू करना न्यायोचित नहीं है। वर्तमान में प्रदेश भर में मानसून के चलते अधिकांश रास्ते जलभराव से बाधित हैं, कहीं कहीं सड़कें पानी में डूब गई हैं, तो कहीं कहीं शिक्षकों के द्वारा नाव से नदी पार करने की तस्वीरें सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आ रही हैं।जिससे स्पष्ट होता है कि शिक्षक दुर्गम मार्गों पर भी बाधाओं को पार करते हुए विद्यालय पहुंच रहें हैं। अन्त मे उन्होने बताया कि
बैठक में सर्व सम्मति से उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा शिक्षाकों की मांगों के निराकरण हेतु प्रेषित पत्र में उल्लिखित मांगों का शासन द्वारा निराकरण किया जाए।
बेसिक शिक्षकों को भी बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी/कर्मचारियों की भांति उपार्जित अवकाश,प्रत्येक माह के द्वितीय शनिवार अवकाश तथा अर्ध आकस्मिक अवकाश अनुमन्य किया जाए।
शिक्षकों की उपस्थिति पंजिका का डिजिटलाइजेशन किए जाने में आ रही कठिनाइयों का संघ के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर निराकरण किया जाए।
जब तक उपरोक्त समस्याओं का निराकरण नहीं किया जाता है तब तक सभी शिक्षक उपस्थिति पंजिका का डिजिटलाइजेशन किए जाने पर असहमति व्यक्त करते हैं आदि प्रस्ताव भी पारित किये गये ।

