ब्यूरो प्रभारी संतोष कुमार त्रिपाठी खजनी गोरखपुर
गोरखपुर: आमी नदी में बह रही है ज़हर की धारा, गांवों में स्वास्थ्य संकट गहराया, गाँव की गंगा कही जाने वाली आमी नदी का प्रदूषण उनवल क्षेत्र में अब खतरनाक स्तर पार कर चुका है। इस नदी में मिल द्वारा छोड़े गए पानी की वजह से नदी का पूरा पानी काले रंग का चिपचिपे और बदबूदार पानी में बदल गया है जिससे उठती तेज दुर्गंध ने आसपास के गांवों में लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है वही नदी के दूषित पानी ने पूरे इलाके में गंभीर स्वास्थ्य संकट खड़ा कर दिया है इस इलाके के लगभग ज्यादातर हैन्ड पंप सेभी प्रदुषित पानी निकल रहा है जिसको पीने से लोगो के स्वास्थ्य पर संकट बना हुआ है।प्रत्यक्ष खामियों से भरी गांव की गंगा कहीं जाने वाली आमी नदी की दुर्दशा पर प्रशासन मौन साधे हुए हैं जबकि सरकार नदियों के साफ सफाई पर करोड़ों रुपए पानी की तरह बहा रही है पर जिम्मेदार की उपेक्षा की वजह से आमी नदी को गंदा नाला बना दिया गया है।
नदी से उठती बदबू और मच्छरों का आतंक बढ़ गया है। राहगीरों का नदी किनारे से गुजरना मुश्किल हो गया है। लगातार बढ़ रहे मच्छरों के प्रकोप से बीमारियों का खतरा और बढ़ गया है। ग्रामीणों के अनुसार पानी कई दिनों से काला और रसायनयुक्त दिख रहा है, जिसकी बदबू पूरे माहौल को प्रभावित कर रही है ग्रामीणों की सेहत पर पड़ रहा सीधा असर गांव दर गांव फैल रही समस्या।
प्रदूषण का असर खासकर इन गांवों में दिख रहा है—
उनवल,जरलही, कूड़ा भरत,छताई मंझरिया,सोहरा,भलुआन, ढढ़ौना,लमती, मखानी,गोरसैरा सहित कई अन्य गांव प्रभावित है।स्थानीय निवासी दिनेशसाहनी,विवेक,गब्बर त्रिपाठी, मोनू दूबे,शचीन्द्रनाथ मिश्रा, राहुल त्रिपाठी, मनोज साहनी,नन्दूसाहनी,श्रीप्रकाश गुप्ता ने बताया कि नदी का स्वरूप अब “नदी” कम और ज़हरीला नाला” ज्यादा हो चुका है। जिम्मेदार विभागों पर गंभीर आरोप ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से चल रहा आमी बचाव अभियान अब सिर्फ कागज़ों में सीमित रह गया है। इसके बावजूद गीडा क्षेत्र से निकलने वाला जहरीला रसायन लगातार नदी में जा रहा है और प्रशासन इस पर कड़ा कदम नहीं उठा रहा।ग्रामीणों की मांग:
नदी की त्वरित सफाई
गीडा में प्रदूषण स्रोतों पर कड़ी कार्रवाई।
स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन कर स्वास्थ्य की जांच कराई जाय।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की निगरानी बढ़ाई जाए तथा ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाय।
ग्रामीणों का कहना है—
“जब तक प्रशासन सख्त कार्रवाई नहीं करेगा, आमी नदी ज़हर उगलती रहेगी और हम बीमार पड़ते रहेंगे आने वाले विधानसभा चुनाव में क्षेत्र का आमी प्रदुषण बनेगा मुद्दा।
उक्त के सम्बंध में उपजिलाधिकारी खजनी राजेश प्रताप सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी है प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को इस मामले में रिपोर्ट भेजा गया है।

