मवक्किल के हितों को ध्यान में रखते हुए अधिवक्ता न्यायिक कार्यों से रहे विरत
गोरखपुर। जिला अधिवक्ता एसोसिएशन कलेक्ट्रेट के अधिवक्तागणों को बैठक करना है या अन्य कार्य करना है न्यायिक कार्यों से विरत रहते अपने मवक्किल वादकारियो के हितों का ध्यान तनिक भी नहीं देते मवक्किल अपने घरों से तैयार होकर अपना मुकदमा देखने कचहरी आता फिर तारीख लेकर वापस घर चला जाता इसका अधिवक्ता गणों को कोई मलाल नहीं रहता अधिवक्ता गणों को केवल मलाल यह रहता है कि मवक्किल कचहरी आए और हमें फीस दे घर वापस चला जाए अगर अधिवक्ता अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए अपने मवक्किल के प्रति निष्ठावान रहते तो पहले न्यायिक कार्यों को संपादित कराने के बाद अपनी बैठक करते जिससे मवक्किल का भी कार्य हो जाता और अधिवक्ता गणों का बैठक भी हो जाता लेकिन सिर्फ अपने हितों का ध्यान दिया जाता है मवक्किल के हितों को ताक पर रख दिया जाता है अधिवक्ता गणों को अपने कर्तव्यों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए जिन मवक्किल के वजह से रोजी-रोटी चलती है उनके प्रति संवेदनशील समर्पित होकर न्यायिक कार्यों को निस्तारित कराने का कार्य करना चाहिए जिससे वादकारियों को जल्द से
जल्द न्याय संगत न्याय मिल सके लेकिन ऐसा नहीं किया जाता।

