बाराबंकी, निष्पक्ष टुडे ;-
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव का असर, गैस एजेंसियों पर सन्नाटा; गांवों से महंगे दामों पर खरीदे जा रहे उपले।
बाराबंकी जिले में इन दिनों रसोई गैस की भारी किल्लत देखने को मिल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव और सप्लाई चेन पर असर के कारण गैस सिलेंडर की उपलब्धता प्रभावित हुई है। गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं, लेकिन कई-कई दिन इंतजार करने के बाद भी लोगों को सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है।

हालात ऐसे हो गए हैं कि शहर और गांवों में लोग फिर से चूल्हे और उपलों का सहारा लेने लगे हैं। जिले के Satrikh क्षेत्र के शरीफाबाद गांव में गोबर के उपले भी महंगे दामों पर बिक रहे हैं। बताया जा रहा है कि यहां एक उपला करीब 10 रुपये तक में बिक रहा है और कुछ जगहों पर बारकोड स्कैन कर डिजिटल तरीके से भुगतान भी किया जा रहा है।

गैस की कमी का असर सिर्फ घरों तक ही सीमित नहीं है। कई होटल और रेस्तरां भी बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं, जिससे कई परिवारों की रोजी-रोटी पर संकट आ गया है। शहर के लोग बाइक और कारों से गांवों में जाकर उपले खरीद रहे हैं ताकि घरों में खाना बन सके।



