ममता के साथ दूसरी बैठक भी विफल, डॉक्टरों के साथ नर्सें भी उतरीं सड़क पर; पूर्व सैन्य अधिकारियों ने निकाला जुलूस
आरजी कर कांड को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ शनिवार को दूसरी बार भी बैठक नहीं हो पाने के बाद जूनियर डॉक्टरों ने अपना आंदोलन तेज कर दिया है। उन्होंने अब ‘अनुरोध नहीं, मांग करेंगे का नया नारा देते हुए रविवार को महानगर में महारैली निकाली।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ स्वास्थ्य कर्मियों की दूसरी बैठक भी विफल रही, जिससे राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं का संकट और गहरा गया है। इस मामले में न केवल डॉक्टर बल्कि नर्सें भी सड़कों पर उतर आईं, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ रहा है।
यह विरोध उस समय उभरा जब डॉक्टरों ने काम के दौरान अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और सरकार से उचित सुरक्षा व्यवस्था की मांग की। लगातार हमलों और असुरक्षा की भावना के चलते डॉक्टर हड़ताल पर चले गए, जिसके बाद ममता बनर्जी ने उनसे चर्चा की। हालांकि, दूसरी बैठक भी किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंची, जिसके चलते स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई।
नर्सों ने भी डॉक्टरों के साथ समर्थन जताते हुए प्रदर्शन किया, जिससे अस्पतालों में चिकित्सा सेवाएं बाधित हो गई हैं। मरीजों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, और राज्य के विभिन्न हिस्सों में स्वास्थ्य सेवाएं लगभग ठप हो गई हैं।
इस बीच, पूर्व सैन्य अधिकारियों ने भी समर्थन में जुलूस निकाला, जिससे यह विरोध और अधिक व्यापक हो गया। पूर्व सैनिकों का कहना है कि देश की सेवा करने वाले डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को सुरक्षा मिलनी चाहिए और उनकी मांगें जायज हैं।
स्थिति को लेकर राज्य सरकार पर दबाव बढ़ रहा है, और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस मुद्दे का समाधान निकाला जाएगा, ताकि आम जनता की स्वास्थ्य सेवाएं बहाल हो सकें।
