संवाददाता अनुनय कु० उपाध्याय “गोपाल”
आज तीसरे दिन भी आधा दर्जन शिक्षकों को रखा गया है कोटवा थाना पर रखे जाने के कारण शिक्षक अब है दवाब में..
मृतक छात्र के परिजनों के द्वारा शव नही दफनाना शिक्षक और प्रशासन पर दवाब बनाने की थी रणनीति।सूत्रों की माने तो शिक्षकों से मोटी रकम लेने के बाद दाह संस्कार के लिए ले जाया गया ,शिक्षक नेता प्रमोद यादव ने कहा कि अगर शिक्षक दोषी है ,तो भेजा जाय जेल नहीं तो थाना से किया जाय मुक्त।
कोटवा थानाध्यक्ष का बयान की शिक्षक अपनी सुरक्षा में अपने मर्जी से थाना पर आ रहे हैं और जा रहे हैं,उन्हें रोका नहीं गया है।

