अंगदान पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम हुआ आयोजित.
अधिष्ठाता छात्र कल्याण एवं एम्स के संयुक्त तत्वावधान में अंगदान और वर्कशॉप का हुआ आयोजन*
अंगदान के महत्व को लेकर जागरूकता ज़रूरी: डॉ. रेणुका के
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय एवं अधिष्ठाता छात्रकल्याण के संयुक्त तत्वावधान में अंगदान एवं ऊतक दान पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उल्लेखनीय है कि इस जुलाई माह को अंगदान माह के रूप में मनाया जा रहा है और अंगदान शपथ दिलाई जा रही है।
जागरूकता कार्यक्रम में बतौर विशेषज्ञ एवं मुख्य वक्ता नर्सिंग कॉलेज, एम्स की प्रिंसिपल डॉ. रेणुका के. ने कहा कि अंगदान एक महादान है। अंगदान एक तरह का जीवनदान होता है।यद्यपि कि इसको लेकर भारत विशेषकर उत्तर भारत में जागरूकता की कमी है। अगर अंगदान को लेकर लोग जागरूक हो जाएँ तो दुनिया से जाता हर एक व्यक्ति अपने पीछे कई लोगों को जिंदगी दे सकता है। अंगदान को लेकर परिवार, आस पड़ोस और समाज में विमर्श खड़ा किया जा सकता है। ऑर्गन डोनेशन दो तरह के होते हैं। पहला लिविंग ऑर्गन डोनेशन यानी वो अंगदान जो जीवित रहते हुए किया जाता है। वहीं, दूसरा डिसीस्ट ऑर्गन डोनेशन, जो मृत्यु तत्काल उपरांत दान किया जाता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कुलसचिव प्रो. शान्तनु रस्तोगी ने अंगदाता जागरूकता कार्यक्रम को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि नागरिक समाज को इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। जागरूकता से अंगदान की प्रेरणा मिलेगी और इससे जुड़ी अनेक भ्रांतियाँ दूर होंगी।
कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत करते हुए अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. अनुभूति दूबे ने कहा कि अंगदान के सम्बन्ध में समाज को जागरूक होकर अपनी ज़िम्मेदारी महसूस करनी होगी।
अंत में आभार ज्ञापन कार्यक्रम समन्वयक एवं विश्वविद्यालय हेल्थ सेंटर की प्रभारी प्रो. वीना बत्रा कुशवाहा ने किया। कार्यक्रम संचालन डॉ. मनीष पांडेय ने किया।
इस दौरान प्रो. द्वारका नाथ, प्रो शरद मिश्रा, प्रो विनय कुमार सिंह, प्रो. केशव सिंह, प्रो डीएन मौर्य, प्रो मनोज तिवारी, प्रो अनिल द्विवेदी, डॉ अमित उपाध्याय, डॉ सूर्यकांत त्रिपाठी, डॉ टीएन मिश्रा, डॉ आशीष शुक्ला, डॉ. गरिमा सिंह, डॉ प्रियंका यादव, डॉ. हरिश्चंद्र डॉ हर्ष देव वर्मा, डॉ अपरा त्रिपाठी, डॉ हरिश्चंद्र पांडेय समेत अनेक शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

