पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम की मनाई गई जयंती
बडहलगंज/गोरखपुर (निष्पक्ष टुडे) प्राथमिक विद्यालय भीटी बाल व प्राथमिक विद्यालय धोबौली में मिसाइल मैन पूर्व राष्ट्रपति डॉ,ए,पी, जे, अब्दुल कलाम का जन्म दिन बड़े धूमधाम से मनाया गया, कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ ए, पी, जे अब्दुल कलाम के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ।
प्रधानाध्यापक हरि लाल निषाद ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति का जीवन एक खुली किताब था।जिसे कोई भी पढ़ सकता था। एक विकसित, शक्तिशाली, धर्मनिरपेक्ष भारत का सपना देखने वाले महान वैज्ञानिक प्रखर अभियंता, जनप्रिय शिक्षक और भारतीय गणतंत्र के ग्यारहवें राष्ट्रपति डॉ,ए,पी, जे अब्दुल कलाम का जन्म तमिलनाडु के एक मछुआरे परिवार से देश के राष्ट्रपति की कुर्सी तक पहुंचे , डॉ कलाम का जीवन किसी परीकथा सा रोमांचक लगता है, वैज्ञानिक और अभियंता के रूप में उन्होंने पोखरण में भारत के दो आरम्भिक परमाणु परीक्षणों में निर्णायक, संगठनात्मक और तकनीकी भूमिका निभाई। भारत के स्वदेशी मिसाइल कार्यक्रम के जनक थे। उन्होंने न केवल स्वदेशी लक्ष्य भेदी नियंत्रित प्रक्षेपास्त्र का प्रारूप तैयार किया बल्कि अग्नि, पृथ्वी, जैसे प्रक्षेपास्त्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, उन्हें मिसाइल मैन के नाम से जाना जाता है। लेखक के तौर पर उनकी लोकप्रिय पुस्तकें हैं, इग्नाइटेड माइंड्स,अनलिशिग द पावर विदीन इण्डिया, इण्डिया माय ड्रीम एनविजनिंग अन एमपावर्ड नेशन और विंग्स आफ फायर एन आटो बायोग्राफी आफ ए, पी, जे अब्दुल कलाम। कम लोग जानते हैं कि डॉ कलाम एक अच्छे संगीतज्ञ और संवेदनशील कवि भी थे। ऐसे महापुरुष को शत् शत् नमन करते हैं।
इस अवसर पर प्रधानाध्यापक हरि लाल निषाद राम किशुन सिंह अर्चना जायसवाल सरिता देवी संतोष कुमार प्रियंका मौर्या रीता सिंह नितिश कुमार मालती देवी सोनमती प्रेमबाला माधुरी पनिता आदि शिक्षक एवं बच्चे मौजूद थे।
ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवार

