गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे ;-
मान्यता, आईडी कार्ड और कैशलेस इलाज का वादा… लेकिन सिस्टम पर भी उठे सवाल-
गोरखपुर क्लब से आई खबर में मिठास भी है और हल्की सी चुभन भी…,

मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने पत्रकारों के लिए बड़ी बातें कही हैं—मान्यता, आईडी कार्ड और कैशलेस इलाज की सुविधा। सुनने में तो सब कुछ एकदम “शुगर फ्री मिठाई” जैसा लगता है… लेकिन ज़मीन पर इसका स्वाद कैसा होगा, ये देखना बाकी है।
सीएम योगी ने साफ कहा—सही पत्रकारों की पहचान जरूरी है। अब सवाल ये है कि “सही” का पैमाना कौन तय करेगा? क्योंकि मीडिया की दुनिया में हर कोई खुद को ही असली बताता है।

उन्होंने यह भी कहा कि पत्रकार दिन-रात, सर्दी-गर्मी में मेहनत करते हैं… ये बात सौ टका सही है। लेकिन जब वही पत्रकार बीमार पड़ता है, तो उसकी खबर लेने वाला भी कम ही मिलता है। ऐसे में सरकार का कैशलेस इलाज वाला प्लान राहत की खबर जरूर है… बशर्ते ये सिर्फ कागज़ों तक सीमित न रह जाए।

गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब की तारीफ करते हुए सीएम ने कहा कि यहां एक अच्छा “मेकैनिज्म” बनाया गया है। मतलब साफ है—जो संगठित है, वो सुरक्षित है… और जो अकेला है, वो अभी भी सिस्टम के भरोसे है।
कार्यक्रम के दौरान नई कार्यकारिणी को बधाई भी दी गई—नामों की लंबी लिस्ट के साथ शुभकामनाओं की बारिश हुई। लेकिन असली परीक्षा अब शुरू होगी—क्या ये टीम सिर्फ मीटिंग तक सीमित रहेगी या वाकई पत्रकारों की आवाज बनेगी?
तारीफ़ करते हुए एक मशहूर TV पत्रकार “त्रिपाठी जी” को संबोधित करते हुए “सिस्टम और मेकैनिज्म” की तारीफ भी की..
आखिर में सवाल वही पुराना है—
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क्या पत्रकारों को मिलने वाली ये “सुविधाएं” हकीकत बनेंगी…
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या फिर ये भी एक और “घोषणा” बनकर रह जाएंगी?
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क्योंकि खबर सिर्फ लिखी नहीं जाती… जी भी जाती है।

