आज ओबीसी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष काली शंकर यदुवंशी ने राष्ट्रपति जी को पत्र भेज कर भारत की महान विभूति भोजपुरी भाषा के शेक्सपियर कहे जाने वाले तथा नाई समाज से आने वाले भिखारी ठाकुर को भारत रत्न देने की मांग किया है.
काली शंकर ने बताया कि भिखारी ठाकुर किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। वे एक ही साथ कवि, गीतकार, नाटककार, नाट्य निर्देशक, लोक संगीतकार और अभिनेता थे। लोक कवि भिखारी ठाकुर ने नाच की नई परिभाषा गढ़ी।
भिखारी ठाकुर अपनी रचनाओं में जीवन संघर्ष दिखाते रहे और सामंती ठसक, गांव की गरीबी, जातिवाद का जहर, पलायन की पीड़ा और विरह की वेदना उनके नाटकों में स्पष्ट दिखती थी। जातिवाद के खिलाफ उठी भिखारी ठाकुर की वह आवाज आज भी प्रासंगिक हैं। आज से सौ साल पहले उन्होंने जातिवाद की पीड़ा को दिखाया।
लोक कवि भिखारी ठाकुर का जन्म 18 दिसंबर 1887 को सारण जिले में हुआ तथा उनकी मृत्यु 10 जुलाई 1971 को हुई। भिखारी ठाकुर अपनी बात समाज के सामने रखने में कभी नहीं डरे.
ऐसे महान व्यक्तित्व के धनी भिखारी ठाकुर जी को ओबीसी पार्टी भारत रत्न देने की मांग करती है.
भिखारी ठाकुर जैसी महान विभूति को भारत रत्न की उपाधि से सम्मानित होने से संपूर्ण पिछड़ा वर्ग और भोजपुरी समाज के लिए गौरव की बात होगी और इन महान विभूति को सच्ची श्रद्धांजलि होगी तथा आम जनमानस के लिए युगों युगों तक उनका संघर्ष प्रेरणादायक होगा।
भवदीय
कालीशंकर यदुवंशी
राष्ट्रीय अध्यक्ष- ओ.बी.सी. पार्टी
M- 8009794999

