हाले बेरोज़गारी…मुख्यमंत्री की सख़्त हिदायतों के बाद भी 9 साल 24 भर्तियों में से एक भी पूरी नहीं हुई, नौकरी है कि मिलती ही नहीं।
अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष प्रवीर कुमार ने कार्यकाल पूरा होने से पहले इस्तीफा दे दिया।
इसके पहले सीबी पालीवाल साहब भी समय से पहले ही कुर्सी छोड़ दिए थे। क्या वजह है कि कोई टिकता नहीं है और भर्ती पूरी होती नहीं???

