लखनऊ ब्यूरो,निष्पक्ष टुडे ;-
यूपीएससी जैसी देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा को लेकर इन दिनों दो नाम चर्चा में हैं। सवाल यह उठ रहा है कि क्या कैटेगरी बदलकर दोबारा परीक्षा देने का मामला नियमों के अनुसार है या इसमें जांच की जरूरत है।
सोशल मीडिया और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के बीच दो नामों को लेकर बहस तेज हो गई है।
पहला नाम है आस्था जैन का बताया जा रहा है कि उन्होंने साल 2024 में जनरल कैटेगरी से UPSC में 186वीं रैंक हासिल की और IPS सेवा के लिए चयनित हुईं। इसके बाद साल 2025 में EWS कैटेगरी से दोबारा परीक्षा दी और 9वीं रैंक हासिल की।
दूसरा नाम है अरफा उस्मानी का कहा जा रहा है कि इन्होंने पहले साल 2023 में जनरल कैटेगरी से UPSC में 111वीं रैंक लाकर IPS सेवा में जगह बनाई। इसके बाद 2025 में EWS सर्टिफिकेट के साथ फिर से परीक्षा दी, जिसमें 124वीं रैंक हासिल हुई।

इन दोनों मामलों को लेकर सोशल मीडिया पर कई सवाल उठाए जा रहे हैं।
जैसे कि —
यदि कोई पहले जनरल कैटेगरी से परीक्षा देता है, तो बाद में EWS सर्टिफिकेट कैसे लिया जा सकता है?
क्या सेवा में आने के बाद भी उम्मीदवार दोबारा परीक्षा देकर कैटेगरी बदल सकता है?
और क्या इन मामलों में नियमों के अनुसार सब कुछ हुआ है या इसकी जांच होनी चाहिए?
हालांकि, अभी तक इस पूरे मामले पर UPSC या सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि UPSC की प्रक्रिया और कैटेगरी से जुड़े नियम बहुत स्पष्ट होते हैं, इसलिए किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जानकारी और जांच जरूरी है।


