स्लग :- विवादों में उलझा रेलवे का प्रीपेड टैक्सी स्टैंड
शिशिर श्रीवास्तव, संवाददाता, गोरखपुर
रेलवे टैक्सी स्टैंड पर टैक्सी चालको और गोरखपुर रेलवे जंक्शन के प्रीपेड टैक्सी बुकिंग सेवा के ठेकेदार के बीच विवाद का कारण प्रीपेड भाड़ा बुकिंग और प्रीपेड वाहन परिसर में किये जाने वाले बैरीकेडिंग में टैक्सी के लिए उपयुक्त स्थान न देते हुए इनकी उपेक्षा करना है, टैक्सी ड्राइवर दिनेश कुशवाहा ने बताया कि प्रीपेड सेवा का ठेकेदार इन्हें प्रीपेड भाड़ा नहीं देता है और जो भाड़ा इन्हें मिलना चाहिए वह बाहरी अनाधिकृत/डग्गामार वाहनों को दे देता है जिससे कि इनकी कमाई पर बहुत बुरा असर पड़ता है जिस कारण से कमाई नहीं होने के कारण टैक्सी ड्राइवरों को ठेकेदार को निर्धारित नियत शुल्क भुगतान करने में बहुत परेशानी होती है, चालक सुनील तिवारी ने बताया ऑटो वाले से ज्यादा पैसा पाने के लालच में ठेकेदार अधिक दूरी की सवारियां भी ऑटोरिक्शा वाले को दे देते हैं जबकि आटोंरिक्शा का परमिट मात्र 16 किलोमीटर तक ही है, टैक्सी ड्राइवर प्रमोद कुमार सिंह ने कहा कि प्रीपेड टैक्सी ठेकेदार द्वारा झूठ बोला जाता है कि हम टैक्सी ड्राइवर निर्धारित शुक्ल का भुगतान नहीं करते और इस शुल्क के रसीद की फोटो दिखाते हुए उन्होंने बताया कि टैक्सी ड्राइवर के लिए जो शुल्क तय किया गया है उसका भुगतान करने के बाद भी उन्हें एक भी प्रीपेड भाड़ा नहीं दिया गया है, इन्होंने बताया कि टैक्सी पार्किंग में बैरीकेडिंग भी ग़लत नियत से किया जा रहा है, अनिल और राजेश यादव ने बताया कि टैक्सी का बीमा और अन्य शुल्क बहुत अधिक होते हैं ऐसे में काफी दिनों से भाड़ा न मिलने के कारण इनकी आर्थिक स्थिति बहुत खराब हो गई है और पैसे उधार लेकर ये लोग अपना और अपने परिवार का जीवन यापन कर रहे है, टैक्सी चालकों ने यह भी बताया कि इन लोगों ने इस समस्या को लेकर के एक आरटीआई भी डाला हुआ है जिसका जवाब अभी तक नहीं मिला इसके साथ ही इन्होंने अपनी समस्या से सक्षम अधिकारियों को अवगत कराने के लिए कई बार उन्हें पत्र इत्यादि के माध्यमों से सूचित
भी किया पर इससे उन्हें कोई लाभ नहीं मिला है,
उधर प्रीपेड टैक्सी सेवा के ठेकेदार अमनदीप गुप्ता ने टैक्सी ड्राइवरों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रीपेड सेवा के लिए टैक्सी ड्राइवर निर्धारित शुल्क का भुगतान नहीं करते हैं इसलिए उन्हें प्रीपेड भाड़ा नहीं मिल पाता है और प्रीपेड सेवा ठेकेदार ने यह भी बताया कि प्रीपेड टैक्सी सेवा के पार्किंग का अस्थाई बैरिकेडिंग ई रिक्शा, ऑटो रिक्शा, टैक्सी और यात्रियों की सुविधा के लिए किया जा रहा है

