दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय दिनांक:10/09/2024.
समरसता ही नाथपंथ पर आयोजित होने वाली अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी की तैयारियों का मूलमंत्र है. इससे बड़े लक्ष्यों को हासिल करना आसान हो जाता है. भारत की बुनियाद में समरसता का तत्व विद्यमान है. उक्त विचार दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो.पूनम टंडन ने सभी अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष एवं संयोजकों की बैठक को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किया.
उन्होंने कहा कि ‘समरस समाज में नाथ पंथ का योगदान’ विषयक संगोष्ठी की सफलता सच्चे मायने में समरसता के भाव का आद्योपांत प्रेरणा शक्ति के रूप में बने रहना होगा. इस बाबत सभी संकाय एवं विभागों की सक्रियता संगोष्ठी को सार्थकता में तब्दील कर देगी. उन्होंने कहा कि इस ज्ञानयज्ञ में सबकी आभा हो. इसमें हर किसी को दबाव से नहीं, स्नेहिल प्रभाव से शामिल करना चाहिए.
उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक टेक्निकल सेशन में बेस्ट पेपर प्रेजेंटर को पुरस्कृत किया जाएगा. सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र दिया जाएगा. संगोष्ठी में पंजीकरण की प्रक्रिया को विभाग के स्तर पर क्रियान्वित करने से सुगमता होगी.
बैठक में संगोष्ठी के समन्वयक डॉ. कुशलनाथ मिश्र, संयोजक डॉ. अमित उपाध्याय, आयोजन सचिव डॉ. सूर्यकान्त त्रिपाठी समेत सभी महत्वपूर्ण जिम्मेदार उपस्थित रहे.
Trending
- आज का राशिफल 25.06.2026
- एनसीसी कैडेट्स में जोश भर गए ग्रुप कमांडर, संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर का किया निरीक्षण
- 85 लाख रुपये का 162 किलो गांजा बरामद, अंतरजनपदीय तस्करी गिरोह पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
- आज का राशिफल 24.06.2026
- बालाजी दरबार में महा भंडारे के साथ मनाया गया ज्येष्ठ मास का आखरी बड़ा मंगल
- शिविर में कैडेट्स ने सीखे फायर फाइटिंग के गुण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भी मिली जानकारी
- आज का राशिफल 23.06.2026
- सरसावा एयरपोर्ट पर डीएम का निरीक्षण, नागरिक उड़ानों की तैयारियों का लिया जायजा

