गोरखपुर। दिग्विजयनाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गोरखपुर के प्राचीन इतिहास, पुरातत्त्व एवं संस्कृति विभाग तथा क्षेत्रीय पुरातत्त्व इकाई के संयुक्त तत्वावधान में “पुरातत्त्व अभिरुचि विषयक विशिष्ट व्याख्यान” आयोजित हुआ।
मुख्य वक्ता डॉ. कृष्ण मोहन दूबे, क्षेत्रीय पुरातत्त्व अधिकारी गोरखपुर ने कहा कि पुरातत्त्व केवल अवशेषों का अध्ययन नहीं, बल्कि यह अतीत की सांस्कृतिक धरोहर को समझने और वर्तमान समाज को उससे जोड़ने का माध्यम है।
प्राचार्य प्रो. (डॉ.) ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि इतिहास और पुरातत्त्व का गहन अध्ययन हमें सांस्कृतिक जड़ों से जोड़कर आत्मगौरव को प्रबल करता है।
इस मौके पर 26 अगस्त को हुई प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया, जिसमें तन्नू मिश्रा (प्रथम), आंचल सिंह (द्वितीय) तथा रोहित प्रजापति और अभिषेक कुमार (तृतीय) रहे।
कार्यक्रम में विभाग प्रभारी डॉ. धीरज कुमार सिंह, डॉ. कामिनी सिंह, डॉ. शिव कुमार सहित अनेक शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
उक्त जानकारी जनसूचना अधिकारी डॉ० शैलेश कुमार सिंह ने दी।

