कार्तिक पूर्णिमा पर सरयू नदी में लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी
विभिन्न घाटों पर पांच लाख से अधिक स्नानार्थी स्नान कर, दान-पुण्य किया
ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी
बडहलगंज/गोरखपुर(निष्पक्ष टुडे) बड़हलगंज कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर बुधवार को लाखों श्रद्धालुओं ने सरयू नदी में आस्था की डुबकी लगाई। इस दौरान स्नानार्थियों ने दान-पुण्य किया और मंदिरों में पूजा-अर्चना की। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं का मंगलवार की रात से ही विभिन्न घाटों पर जमावड़ा शुरू हो गया था।
बड़हलगंज सरयू नदी के विभिन्न घाटों पर मंगलवार शाम से ही श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया था। भोर में लगभग तीन बजे से स्नान का सिलसिला आरंभ हुआ, जो दोपहर दो बजे के बाद तक जारी रहा।
बड़हलगंज उपनगर के लेटाघाट, रामकवल शाही स्नान घाट, कलूट का शिवाला, संतोषी माता मंदिर घाट, पुरानी हनुमानगढ़ी घाट, तरकुलही घाट और पौहारी महराज कुटी सहित अन्य घाटों पर सुबह तीन बजे तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। स्नान के बाद लोगों ने गरीबों और असहायों को दान दिया, साथ ही गौ-दान भी किया। सीमावर्ती क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग अपने निजी वाहनों से स्नान के लिए पहुंचे।इसके अतिरिक्त, डेरवा, पिड़हनी, पटनाघाट, ओझौली, पोहिला, दलुआ, रजौली और मदरहा घाट पर भी सरयू में स्नान के लिए श्रद्धालुओं की कतारें लगी रहीं। उपनगर में यातायात जाम से बचने के लिए प्रवेश द्वारों पर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित की गई थी।
विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों ने स्नानार्थियों के लिए लंगर की व्यवस्था की थी। मंदिरों, धर्मशालाओं और अन्य संस्थाओं द्वारा टेंट लगाकर श्रद्धालुओं के ठहरने और प्रसाद व भंडारे का भी आयोजन किया गया था। नगर पंचायत ने घाटों की साफ-सफाई और प्रकाश की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की थी।

स्वयंसेवी संस्थाओं ने निभाई भागीदारी
स्नानार्थियों को ठहरने व उनके भोजन पानी के लिए विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों ने कमान संभाले रखी। संगठनों द्वारा स्नानार्थियों के लिए कैम्प व लंगर की व्यवस्था की गई थी। इसके अलावा बड़हलगंज पुलिस के साथ नेशनल इंटर कालेज बड़हलगंज के एनसीसी कैडेट भी स्नानार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैद दिखे। लेटाघाट व मुक्तिपथ पर खोया पाया शिविर भी लगाया गया था।

