गोरखपुर सर्जन क्लब को मिला ‘बेस्ट सिटी चैप्टर अवार्ड–2025’, चिकित्सा सेवा और समाजसेवा का संगम बना गोरखपुर
गोरखपुर। चिकित्सा और मानवीय सेवा के क्षेत्र में गोरखपुर ने इस वर्ष एक नया इतिहास रच दिया। एसोसिएशन ऑफ सर्जन ऑफ इंडिया (एएसआई), उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित वार्षिक तीन दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला में गोरखपुर सर्जन क्लब को “बेस्ट सिटी चैप्टर अवार्ड–2025” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान पहली बार गोरखपुर के हिस्से में आया है, जिससे न केवल जिले के चिकित्सक समुदाय में हर्ष और गर्व की लहर दौड़ गई, बल्कि पूरे पूर्वांचल के चिकित्सा जगत में गोरखपुर का नाम स्वर्णाक्षरों में अंकित हो गया। कानपुर में आयोजित इस कार्यशाला में पूरे प्रदेश के वरिष्ठ सर्जन और विशेषज्ञ चिकित्सक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सर्जरी के क्षेत्र में नई तकनीकों, उपकरणों और रोगों के नवीनतम उपचारों पर विचार-विमर्श करना था। एएसआई की ओर से यह पुरस्कार उन सिटी चैप्टर्स को दिया जाता है जो चिकित्सा के साथ-साथ समाजसेवा और जनकल्याण के कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाते हैं। गोरखपुर सर्जन क्लब ने इस दिशा में अद्भुत कार्य करते हुए चिकित्सा और मानवीय सेवा का ऐसा संगम प्रस्तुत किया जिसने सभी को प्रभावित किया। गोरखपुर सर्जन क्लब के अध्यक्ष डॉ. घनश्याम सिंह और सचिव डॉ. शिव शंकर शाही के नेतृत्व में क्लब ने पिछले एक वर्ष में 58 से अधिक कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया, जिनमें कंटिन्यूअस मेडिकल एजुकेशन प्रोग्राम, जनजागरूकता अभियान, निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, रक्तदान, और जरूरतमंदों की सहायता जैसे कार्य शामिल थे। क्लब की टीम में बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज, एम्स गोरखपुर तथा शहर के निजी सर्जनों ने मिलकर चिकित्सा के क्षेत्र में नई तकनीकों को अपनाने और समाज के लिए उपयोगी कार्य करने में अग्रणी भूमिका निभाई। गोरखपुर के सर्जनों ने पिछले वर्ष ब्लड डोनेशन कैम्प आयोजित कर अनेक लोगों को जीवनदान दिया। बर्ड फ्लू, कैंसर से बचाव, और गर्मी में स्वास्थ्य सुरक्षा जैसे विषयों पर जनजागरूकता अभियान चलाकर आम जनमानस को शिक्षित किया गया। समाजसेवा की भावना को आगे बढ़ाते हुए स्पर्श बालक विद्यालय के 150 बच्चों को बेडशीट प्रदान की गईं और प्रयागराज कुंभ मेले में गरीबों के बीच 500 से अधिक निःशुल्क कंबल वितरित किए गए। क्लब के डॉक्टरों ने प्राकृतिक आपदाओं के समय प्रशासन के साथ कदम से कदम मिलाकर राहत कार्यों में भी भाग लिया। एएसआई की थीम
“Knowledge with Compassion” को साकार करते हुए गोरखपुर सर्जन क्लब ने यह सिद्ध किया कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि सेवा और संवेदना का दायित्व है। क्लब के सचिव डॉ. शिव शंकर शाही ने कहा कि यह पुरस्कार गोरखपुर की चिकित्सा बिरादरी की सामूहिक मेहनत और जनसेवा के प्रति समर्पण का परिणाम है। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य न केवल नई सर्जिकल तकनीकों में दक्षता प्राप्त करना है, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवा पहुँचाना भी है। यह सम्मान हमारे लिए प्रेरणा है कि हम आगे भी इसी निष्ठा के साथ जनकल्याण के कार्य करते रहें।” इस उपलब्धि के बाद गोरखपुर का नाम प्रदेशभर में गौरव के साथ लिया जा रहा है। यह सम्मान साबित करता है कि जब ज्ञान, तकनीक और सेवा-भावना एक साथ चलें, तो चिकित्सा जगत में न केवल प्रगति होती है बल्कि समाज भी सशक्त और संवेदनशील बनता है। गोरखपुर सर्जन क्लब की यह सफलता पूर्वांचल के प्रत्येक चिकित्सक के लिए प्रेरणा है कि चिकित्सा का असली अर्थ केवल इलाज नहीं, बल्कि मानवता की सेवा है।

