“विरासत के सम्मान संग शुरू होगा विकास का नया सोपान”
“शहीद बंधु सिंह पार्क में बने मल्टीलेवल पार्किंग कॉम्प्लेक्स का लोकार्पण करने के साथ नए कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स की रखेंगे आधारशिला”

गोरखपुर, 4 अप्रैल। रविवार (5 अप्रैल) को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर महानगर में विरासत के सम्मान संग विकास के नए सोपान का शुभारंभ करेंगे। वह ऐतिहासिक स्मृतियों को सहेजे घंटाघर के सौंदर्यीकरण कार्य का लोकार्पण करने के साथ विकास की एक परियोजना का लोकार्पण और एक का शिलान्यास करेंगे। इनमें से एक परियोजना घंटाघर में अमर बलिदानी बंधु सिंह के नाम पर बने मल्टीलेवल पार्किंग एवं कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स के लोकार्पण और दूसरी पांडेयहाता विरासत गलियारा में कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स के शिलान्यास की है।
महानगर के घंटाघर के साथ स्वतंत्रता आंदोलन की यादें जुड़ी हैं। आज जिस स्थान पर घंटाघर है, वहां देश के प्रथम स्वातंत्र्य समर के दौरान एक विशाल पाकड़ का वृक्ष हुआ करता था। इसी वृक्ष पर आजादी की पहली लड़ाई में कई स्वतंत्रता सेनानियों को फांसी दी गई थी। 19 दिसंबर 1927 को काकोरी ट्रेन एक्शन के महानायक पंडित रामप्रसाद बिस्मिल को जब गोरखपुर कारागार में फांसी दी गई थी तब उनकी शवयात्रा घंटाघर में आकर रुकी थी। तब बिस्मिल जी की माता ने यहां एक प्रेरक उद्बोधन दिया था। तभी से यह स्थान पंडित बिस्मिल को समर्पित हो गया।
मीनार की तरह ऊंची इमारत के रूप में घंटाघर के निर्माण का वर्ष 1930 में रायगंज के सेठ राम खेलावन और सेठ ठाकुर प्रसाद ने कराया था। इमारत पर घंटे वाली एक घड़ी लगाई गई जिसकी वजह से यह घंटाघर के नाम से प्रसिद्ध हो गई। आज यह स्वतंत्रता संग्राम और अमर बलिदानियों के जीवंत प्रतीक के रूप में महानगर की गौरवशाली विरासत है। इमारत के निचले हिस्से पर पंडित रामप्रसाद बिस्मिल के बलिदान की याद दिलाती चित्रकारी उकेरी गई है। इस विरासत के संरक्षण के लिए सीएम योगी की प्रेरणा से नगर निगम ने एक करोड़ रुपये व्यय कर सौंदर्यीकरण कराया है ताकि आने वाली पीढियां भी इस गौरवगाथा से परिचित हो सकें। सौंदर्यीकरण कार्य का लोकार्पण रविवार शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे।


