नेशनल डेस्क निष्पक्ष टुडे -बेटिया स्पेशल /मेरठ –
मेरठ से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जो सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि रिश्तों की सच्ची परिभाषा बनकर उभरी है।
जहां अक्सर तलाक के बाद बेटियों को ताने और अकेलापन झेलना पड़ता है, वहीं यहां एक पिता ने अपनी बेटी को टूटने नहीं दिया… बल्कि उसे फिर से मुस्कुराने की वजह दी।
रिटायर्ड जज पिता ने अपनी बेटी की घर वापसी को किसी बोझ की तरह नहीं, बल्कि एक त्योहार की तरह मनाया।
ढोल-नगाड़ों की गूंज, नाचते-गाते परिवारजन, और मिठाइयों की मिठास— हर पल में सिर्फ एक ही संदेश था… “तुम अकेली नहीं हो।”

बेटी की खुशी को सबसे ऊपर रखा, पिता बोले— “ना एलीमनी ली, ना सामान… बस अपनी बेटी को वापस लाया हूं”

मेरठ से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो समाज की सोच को नई दिशा देती नजर आ रही है।

जहां आमतौर पर तलाक को लेकर परिवारों में तनाव और मायूसी देखी जाती है, वहीं यहां एक पिता ने अपनी बेटी की घर वापसी को उत्सव में बदल दिया।
रिटायर्ड जज पिता ने अपनी बेटी का ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत किया। परिवार के सदस्य ढोल की थाप पर नाचते-गाते नजर आए और मिठाइयाँ बांटकर खुशी का इज़हार किया।
बेटी के स्वागत में फूल-मालाओं से उसका अभिनंदन किया गया, और पूरे घर में एक उत्सव जैसा माहौल बना दिया गया।
इस खास मौके पर परिवार के सभी लोग एक जैसी टी-शर्ट पहने हुए थे, जिस पर बेटी की तस्वीर के साथ “I Love My Daughter” लिखा हुआ था।हर चेहरे पर बेटी की घर वापसी की खुशी साफ झलक रही थी।
इस पूरे घटनाक्रम पर पिता का भावुक बयान भी सामने आया है।
उन्होंने कहा—
“अगर मेरी बेटी अपनी शादी में दुखी थी, तो उसे खुशी देना मेरा दायित्व था। मैंने कोई एलीमनी, मेंटेनेंस या सामान नहीं लिया… सिर्फ अपनी बेटी को वापस लाया हूं।”

