गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-
गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब के ‘प्रेस से मिलिए’ कार्यक्रम में शहर के विकास, ट्रैफिक, साइबर अपराध और कानून व्यवस्था पर खुली चर्चा, पत्रकारों ने उठाए जनहित के मुद्दे
गोरखपुर। गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब द्वारा आयोजित “प्रेस से मिलिए” कार्यक्रम प्रशासन और मीडिया के बीच संवाद का प्रभावी मंच बनकर उभरा। कार्यक्रम में जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं, एसपी ट्रैफिक अमित श्रीवास्तव ने यातायात व्यवस्था से जुड़े सवालों का जवाब दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रेस क्लब अध्यक्ष ओंकार धर द्विवेदी के नेतृत्व में अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। इस दौरान पत्रकारों ने शहर के विकास, कानून व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाए।

डीएम बोले—तेजी से बदल रहा गोरखपुर
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा कि गोरखपुर आधुनिक बुनियादी ढांचे और बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि जीटी रोड विस्तार, रोड चौड़ीकरण, गोडधोइया नाला, विरासत गलियारा, सहजनवा सिक्स लेन पुल और फेस-2 की विकास योजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि चिलुआताल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है, जबकि बिंदुवासिनी पार्क में दो किलोमीटर लंबे ट्रैक की सुविधा शहरवासियों को समर्पित की गई है। शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
साइबर अपराध पर सख्ती, तकनीक आधारित होगी पुलिसिंग वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने कहा कि बदलते समय के साथ पुलिस भी अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव ला रही है। उन्होंने बताया कि साइबर अपराध के मामलों में गोरखपुर प्रदेश में पांचवें स्थान पर है, वहीं पीड़ितों की रकम वापस दिलाने में पुलिस ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
एसएसपी ने कहा कि बीट सिस्टम को मजबूत किया जा रहा है, नई पुलिस फोर्स की तैनाती की जा रही है और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जा रही है।
यातायात सुधार के लिए जनसहयोग जरूरी
एसपी ट्रैफिक अमित श्रीवास्तव ने कहा कि शहर में चल रहे निर्माण कार्यों के कारण अस्थायी दिक्कतें हैं, लेकिन यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में विशेष टीमें गठित की गई हैं तथा कैशलेस योजना के तहत दुर्घटना पीड़ितों को डेढ़ लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने लोगों से यातायात नियमों के पालन और ओवरस्पीडिंग से बचने की अपील की।
पत्रकारों ने उठाए जनहित के सवाल
कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों ने कानून व्यवस्था, चोरी की घटनाएं, खराब सड़कें, स्ट्रीट लाइट, नाला निर्माण में अनियमितता, अवैध खनन, ट्रैफिक जाम, पुलिस पिकेट की कमी और अवैध स्टैंड जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
हरेन्द्र दुबे ने कानून व्यवस्था पर सवाल किया।
प्रिंस पांडेय ने चोरी की घटनाओं का मुद्दा उठाया।
मुकेश पांडेय (ईटीवी भारत) ने सड़क और स्ट्रीट लाइट की समस्या रखी।
रशाद लारी ने बंद सड़कों और साइन बोर्ड की कमी पर सवाल उठाए।
फैयाज ने नदियों में डूबने की घटनाओं और अवैध खनन पर चिंता जताई।
राजीव पांडेय ने निर्माण कार्यों से होने वाले प्रदूषण का मुद्दा उठाया।मुर्तुजा रहमानी ने पुलिस पिकेट बढ़ाने की मांग की।
आशीष भट्ट ने रुस्तमपुर क्षेत्र में अवैध स्टैंड का मामला उठाया।

इन सभी सवालों का डीएम और एसएसपी ने विस्तार से जवाब दिया और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
संवाद और जवाबदेही का मंच बना कार्यक्रम
कार्यक्रम के अंत में प्रेस क्लब अध्यक्ष ओंकार धर द्विवेदी ने सभी अतिथियों और पत्रकारों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन प्रशासन और मीडिया के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
“प्रेस से मिलिए” कार्यक्रम शहर के विकास, सुरक्षा और जनहित के मुद्दों पर गंभीर चर्चा का सशक्त मंच साबित हुआ, जहां संवाद के माध्यम से समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल देखने को मिली।

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