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दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय
स्ववित्तपोषित योजनान्तर्गत संचालित एमएस (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), बीसीए पाठ्यक्रमों को कुलाधिपति की मंजूरी
गोरखपुर: दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में फैकल्टी ऑफ़ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नोलॉजी द्वारा स्ववित्तपोषित योजनान्तर्गत संचालित किये जाने हेतु प्रस्तावित एमएस (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), बीसीए (मशीन लर्निंग एंड डेटा साइंस) तथा बीसीए( इंटरनेट ऑफ थिंग्स) पाठ्यक्रम को माननीय कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल की स्वीकृति मिल गई है। नाईलेट (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी) के साथ संयुक्त रूप से संचालित होने वाले एम एस (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) में 33 तथा बीसीए(मशीन लर्निंग एंड डेटा साइंस) तथा बीसीए (इंटरनेट ऑफ थिंग्स) दोनों में 66/ 66 सीटें हैं। बीसीए कोर्सेज के लिए न्यूनतम अर्हता इंटरमीडिएट है जबकि एमएस के लिए न्यूनतम अर्हता बीटेक/बीसीए/एमसीए है। विद्या परिषद एवं कार्य परिषद की संस्तुति के आधार पर विश्वविद्यालय में फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नोलॉजी द्वारा स्ववित्तपोषित योजनान्तर्गत संचालित किये जाने हेतु प्रस्तावित MS in AI एवं Bachelor of Computer Application (BCA) Programs in Specialised Area पाठ्यक्रम के अध्यादेश पर उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 की धारा-52 (5) के अन्तर्गत मा० कुलाधिपति महोदया द्वारा अनुमति प्रदान कर दी गई है।
प्रो. पूनम टंडन ने इस पहल के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “हम पूर्वांचल के युवाओं के लिए विशेष रूप से लाभप्रद इन कोर्सेज को उच्चतम गुणवत्ता के साथ उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

